उमंग सिंघार ने सिवनी जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होने के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने इसे सरकार के विकास मॉडल की वास्तविकता बताते हुए भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “भाजपा के राज में विकास नहीं, सिर्फ़ उद्घाटन होते हैं।”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में सिवनी जिले में मोहबर्रा से सारसडोल को जोड़ने वाली करीब 3.93 करोड़ की सड़क का लोकार्पण किया था, लेकिन उद्घाटन के महज 24 घंटे के भीतर पहली बारिश में सड़क का हिस्सा बह गया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सड़क नहीं बल्कि भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और निर्माण कार्यों में बरती गई लापरवाही का प्रमाण है।
एक दिन भी नहीं टिकी सड़क
दरअसल सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड में मोहबर्रा से सारसडोल को जोड़ने वाली करीब 3.93 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित डामरीकृत सड़क पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 जुलाई को सिवनी जिले के मोहबर्रा से सारसडोल को जोड़ने वाली सड़क का लोकार्पण किया था। इसके करीब 24 घंटे बाद, 2 जुलाई को हुई पहली तेज बारिश में सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया और पानी निकासी के लिए बनाई गई पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते सड़क दो हिस्सों में बंट गई और आसपास के कई गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
इसे लेकर उमंग सिंघार ने प्रदेश की बीजेपी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि “यह सड़क नहीं बही है…भाजपा के भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और घटिया निर्माण की परतें बहकर सामने आ गई हैं।” कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि जब निर्माण कार्य पूरा हुआ था, तब उसकी गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि हर बार किसी परियोजना के क्षतिग्रस्त होने के बाद जांच के आदेश दिए जाते हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही पहले तय होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने के बजाय उनका प्रचार अधिक किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार का मॉडल उद्घाटन, प्रचार और बाद में जांच तक सीमित होकर रह गया है, जबकि जनता को खराब निर्माण और अव्यवस्थाओं का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।






