उमंग सिंघार ने उमरिया जिले में अवैध खनन रोकने पहुंचे वनकर्मियों पर हुए हमले को लेकर भाजपा सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने प्रदेश को माफियाओं के हवाले कर दिया गया है और अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वन अमला, पुलिस और सरकारी कर्मचारी तक सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि उमरिया में अवैध खनन रोकने पहुंचे वनकर्मियों को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि एफआईआर दर्ज होने के अगले ही दिन माफिया तत्वों द्वारा हमला कर दिया गया, जिससे साफ है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हो चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस विषय में संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को सजा देने की मांग की है।
उमरिया में रेत माफिया के हौसले बुलंद
बता दें कि सोमवार को उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र में वन विभाग की टीम अवैध रेत परिवहन रोकने पहुंची थी। इसी दौरान रेत से भरे ट्रैक्टरों को पकड़ने की कार्रवाई के बीच वनकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई और आरोप है कि माफिया ने वनकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास भी किया। जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले भी अवैध रेत परिवहन के मामले में कार्रवाई के दौरान विवाद हुआ था और वन विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय स्तर पर लगातार यह आरोप लगते रहे हैं कि कार्रवाई के बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। बीते कुछ महीनों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में वन अमले और प्रशासनिक टीमों पर हमलों की घटनाएं भी चर्चा में रही हैं।
उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार को घेरा
इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब पूरी तरह माफियाओं के हवाले हो चुका है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि “भाजपा सरकार ने मध्य प्रदेश को माफियाओं के हवाले कर दिया है। उमरिया में अवैध खनन रोकने पहुंचे वनकर्मियों को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि एफआईआर के अगले ही दिन माफियाओं ने हमला कर दिया। आखिर माफियाओं के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए।” उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश में माफिया अब इतने बेलगाम हो चुके हैं कि वन अमला, पुलिस और सरकारी कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं बचे हैं। इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने मांग की है कि अवैध खनन के पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष एवं कड़ी जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।






