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जल्द हटेगा तबादलों से बैन, अगली मोहन कैबिनेट बैठक में आएगा नई ट्रांसफर पॉलिसी का प्रस्ताव! ड्राफ्ट तैयार

Written by:Pooja Khodani
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नई तबादला नीति में मध्य प्रदेश कर्मचारियों के स्वैच्छिक स्थानांतरण को प्राथमिकता दी जा सकती है, जिससे कर्मचारियों को अपनी सुविधा के अनुसार कार्य करने का अवसर मिलेगा।
जल्द हटेगा तबादलों से बैन, अगली मोहन कैबिनेट बैठक में आएगा नई ट्रांसफर पॉलिसी का प्रस्ताव! ड्राफ्ट तैयार

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए साल 2026 की नई तबादला नीति पर ताजा अपडेट है। खबर है कि सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने नई नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसे अगली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए लाया जा सकता है। ​​सूत्रों की मानें तो सोमवार (11 मई 2026) को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों को अगली कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए गए हैं।

माना जा रहा है कि 20-25 मई 2026 से तबादलों पर लगा बैन हटाया जा सकता है। यह छूट लगभग एक महीने के लिए मिल सकती है, जिससे जून के अंत तक स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। नई तबादला में स्कूल शिक्षा विभाग को अलग रखा जाएगा, क्योंकि इसके लिए अलग से पॉलिसी जारी की जाएगी।

खबर है कि नई नीति में स्वैच्छिक आधार पर किए जाने वाले तबादलों की लिमिट हटाई जा सकती है। पिछली बार की तरह जिलों के प्रभारी मंत्रियों को अधिकारियों के तबादले का अधिकार दिया जा सकता है। इसके तहत प्रभारी मंत्री की हरी झंडी और सहमति के बिना कोई भी जिला स्तरीय स्थानांतरण सूची जारी नहीं की जा सकेगी। वहीं विभागीय तबादले संबंधित विभागों के मंत्रियों के माध्यम से किए जा सकते हैं। हालांकि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले पहले कलेक्टर स्तर पर प्रस्तावित होंगे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

नई नीति में गंभीर बीमारी, प्रशासनिक, स्वेच्छा सहित अन्य आधार स्थानांतरण को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसका लाभ उन अधिकारियों-कर्मचारियों को भी मिलेगा जो लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ है या फिर अपने गृह विधानसभा या तहसील में पदस्थ होना चाहते हैं। राज्य शासन द्वारा नीति को कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही दिशा-निर्देश और समय-सारणी आधिकारिक तौर पर जारी कर दी जाएगी।

Pooja Khodani
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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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