देश में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील अब असर दिखाने लगी है। पीएम मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन की बचत करने, कारपूलिंग अपनाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करने की बात कही थी। अब इसी अपील को आगे बढ़ाते हुए इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वे खुद हफ्ते में एक दिन ‘नो कार डे’ फॉलो करेंगे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे।
इंदौर महापौर का यह फैसला सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। महापौर ने वीडियो संदेश जारी कर शहरवासियों से भी अपील की कि वे निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करें और बस, मेट्रो, ई-वाहनों और कारपूलिंग को अपनाएं। उनका कहना है कि अगर हर व्यक्ति छोटी-छोटी आदतें बदल ले, तो देश बड़ी आर्थिक बचत कर सकता है।
पीएम मोदी की अपील के बाद इंदौर महापौर का बड़ा कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के सामने मौजूद आर्थिक और वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा था कि आने वाले समय में ईंधन की बचत बहुत जरूरी होगी। उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाने और कारपूलिंग अपनाने की अपील की थी।
पीएम मोदी के इस संदेश के बाद इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि इंदौर हमेशा देश को नई दिशा देने वाला शहर रहा है। स्वच्छता अभियान से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक इंदौर ने कई उदाहरण पेश किए हैं। अब समय है कि शहर ईंधन बचत और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर भी देश के सामने मॉडल बने।
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इंदौर पहले से चला रहा है ‘नो कार डे’ अभियान
इंदौर शहर पिछले कई वर्षों से पर्यावरण और ट्रैफिक को लेकर अलग-अलग अभियान चलाता रहा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इंदौर पिछले तीन साल से लगातार ‘नो कार डे’ का संदेश देता आया है।
शहर में कई संस्थाएं और युवा समूह पहले से ही साइकिल चलाने, कारपूलिंग करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद देश से अपील की है, तो यह अभियान और तेज हो सकता है।
पेट्रोल-डीजल बचाने पर क्यों दिया जा रहा जोर?
दुनिया में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है। कई देशों में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में ज्यादा ईंधन खपत का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इसी कारण प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से ईंधन बचाने की अपील की है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने से लोगों को क्या फायदा होगा?
पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे ट्रैफिक कम होता है। जब सड़क पर कम वाहन होंगे, तो जाम भी कम लगेगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
दूसरा बड़ा फायदा पर्यावरण को मिलेगा। निजी वाहनों से निकलने वाला धुआं शहर की हवा खराब करता है। अगर लोग बस और ई-वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाएंगे, तो प्रदूषण कम होगा और लोगों की सेहत भी बेहतर रहेगी।
इंदौर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में यह कदम और भी जरूरी माना जा रहा है। यहां हर साल हजारों नए वाहन सड़क पर उतर रहे हैं। ऐसे में अगर अभी से लोग जागरूक नहीं हुए, तो आने वाले समय में ट्रैफिक और प्रदूषण बड़ी समस्या बन सकते हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर की जनता हमेशा अच्छे अभियानों का समर्थन करती रही है। उन्हें उम्मीद है कि लोग इस बार भी आगे आएंगे।
पीएम मोदी की वो 5 बातें जिन पर देशभर में चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशहित को ध्यान में रखते हुए कई बड़ी बातें कही थीं। उन्होंने लोगों से सिर्फ ईंधन बचाने की ही नहीं, बल्कि कई दूसरी आदतों में बदलाव लाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि लोग एक साल तक सोना खरीदने से बचें, क्योंकि इससे देश की विदेशी मुद्रा पर असर पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने खाने के तेल का इस्तेमाल कम करने की बात भी कही ताकि आयात कम हो सके।
पीएम मोदी ने प्राकृतिक खेती अपनाने और रासायनिक खाद पर निर्भरता घटाने की भी अपील की। साथ ही लोगों से कुछ समय तक अनावश्यक विदेश यात्राएं टालने का अनुरोध किया। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा पेट्रोल-डीजल बचाने और कारपूलिंग को लेकर हुई। अब इंदौर महापौर का फैसला इसी संदेश को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है।






