केरल में कांग्रेस आज मुख्यमंत्री पद के लिए अपने उम्मीदवार का ऐलान कर सकती है। राज्य में विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है। कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम पर गहन विचार-विमर्श जारी है। दरअसल केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के पांच पूर्व अध्यक्षों ने कल राहुल गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के संयोजक, केपीसीसी अनुशासन समिति के प्रमुख और तीन कार्यकारी अध्यक्ष भी शामिल रहे। इन सभी नेताओं ने केरल के मुख्यमंत्री के चयन पर विस्तृत चर्चा की। सूत्रों की मानें तो सात नेताओं ने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया है।
वहीं, दो नेताओं, के मुरलीधरन और वीएम सुधीरन ने वीडी सतीशान के नाम का समर्थन किया। एक नेता इस चर्चा में तटस्थ रहे। हालांकि, पार्टी ने अभी तक किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। केरल कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने मंगलवार को वेटिकन में पोप के चुनाव की प्रक्रिया का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही सफेद धुआं देखने को मिल सकता है, जो फैसले का संकेत होगा।
विजय के सामने आज विधानसभा में ‘अग्नि परीक्षा’
उधर, तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के सामने आज विधानसभा में ‘अग्नि परीक्षा’ है। शपथ लेने और सरकार बनाने के बाद उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) को आज विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का सामना करना होगा। विजय को विधानसभा में विश्वास मत के माध्यम से बहुमत साबित करना है। उन्होंने छोटी पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाई है, जो मुश्किल से बहुमत के आंकड़े तक पहुंच पाई है।
एक गुट ने विजय का समर्थन करने का फैसला किया
विजय के फ्लोर टेस्ट से राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके में बवाल मच गया है। पार्टी के एक गुट ने विजय का समर्थन करने का फैसला किया है। यह गुट दावा कर रहा है कि उनके पास पार्टी के ज्यादातर विधायक हैं। वरिष्ठ नेताओं सी.वी. शनमुगम और एस.पी. वेलुमणि के नेतृत्व वाले एआईएडीएमके के बागी गुट का कहना है कि पार्टी के कुल 47 विधायकों में से लगभग 30 उनके साथ हैं। पार्टी के राज्यसभा सांसद आई.एस. इनबादुराई ने मंगलवार को इस मामले पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि आधिकारिक व्हिप के विरुद्ध कार्य करने वाले किसी भी विधायक को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। यह बयान पार्टी के अंदरूनी कलह को और गहरा कर रहा है।
केरल में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन में हो रही देरी
केरल में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन में हो रही देरी से यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की जीत की चमक फीकी पड़ती जा रही है। यह जानकारी पीटीआई के हवाले से सामने आई है। इस देरी के कारण पार्टी कार्यकर्ता और विधायक जनता के सामने आने से बच रहे हैं। कोंडोट्टी विधानसभा सीट से निर्वाचित आईयूएमएल विधायक टीवी इब्राहिम ने मंगलवार को एक चैनल को बताया कि जहां भी वे जाते हैं, लोग उनसे मुख्यमंत्री के चयन के बारे में सवाल करते हैं। उनके पास इस सवाल का कोई संतोषजनक जवाब नहीं होता। यह स्थिति यूडीएफ के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।






