Hindi News

उमंग सिंघार ने सीएम डॉ मोहन यादव को पत्र लिखा, ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी किए जाने की मांग

Written by:Atul Saxena
Published:
उमंग सिंघार ने कहा पोर्टल में स्लॉट बुकिंग किसानों के लिये सुविधाजनक हो एवं एक टोल फ्री नंबर भी जारी किये जाने हेतु अनुरोध हैं।
उमंग सिंघार ने सीएम डॉ मोहन यादव को पत्र लिखा, ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी किए जाने की मांग

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने ग्रीष्मकालीन मूंग की पैदावार करने वाले किसानों के विषय में एक मांग की है, कांग्रेस नेता ने मांग की है कि इस वर्ष किसानों से समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी शत प्रतिशत सुनिश्चित की जाये।

उमंग सिंघार ने पत्र में लिखा, पिछले कुछ वर्षों की भांति मध्य प्रदेश में किसानों ने ग्रीष्मकालीन मूंग खेती में बहुत उत्साह दिखाया है, फसल पककर तैयार हो रही है, लेकिन किसानों से उचित मूल्य पर फसल को खरीदने की प्रारंभिक व्यवस्थाएं शासन द्वारा नहीं की गई है।

इस वर्ष मूंग का उत्पादन 21 लाख मीट्रिक टन अनुमानित

उन्होंने लिखा कृषि विभाग द्वारा लगभग 14.20 लाख हेक्टेयर में मूंग की बुबाई एवं इस वर्ष मूंग का उत्पादन 21 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है। मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष नाफेड के माध्यम से समर्थन मूल्य पर किसानों से मूंग की खरीदी आंशिक रूप से की गई थी। मेरा अनुरोध है कि इस वर्ष मध्य प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी शत् प्रतिशत सुनिश्चित की जाय।

केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का अनुरोध 

सिंघार ने आगे लिखा- यह भी अनुरोध है कि मूंग खरीदी संबंधी प्रस्ताव केंद्र सरकार को यथाशीघ्र भेजा जाए जिससे समय से मूंग की फसल का उपार्जन किया जा सके, मूंग खरीदी की सीमा प्रति हेक्टेयर 16 क्विटल निर्धारित की जाये  तथा किसानों को एक साथ पूरी फसल बेचने की अनुमति दी जाए इसके लिए खरीदी केंद्र पर्याप्त संख्या में हो।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews