आज विश्व स्वास्थ्य दिवस है। स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी माना जाता है क्योंकि एक स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करता है। बदलती जीवनशैली, बढ़ती बीमारियों और वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष 7 अप्रैल को पूरी दुनिया में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।
आज के दिन सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि “स्वस्थ नागरिक से स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण होता है। यह अवसर हम सभी को बीमारियों से बचाव और उत्तम स्वास्थ्य हेतु प्रयास में सहभागिता के प्रति जागरूक करता है।”
विश्व स्वास्थ्य दिवस का इतिहास
विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है क्योंकि इसी तारीख को वर्ष 1948 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना हुई थी। WHO की पहली विश्व स्वास्थ्य सभा ने 1950 से इस दिन को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। तब से यह दिवस वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने, स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का जश्न मनाने और वर्तमान चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने का महत्वपूर्ण अवसर बन गया है।
इस साल की थीम
इस वर्ष की थीम “Together for health. Stand with science” है। यह थीम पूरे वर्ष चलने वाले एक व्यापक वैश्विक अभियान की शुरुआत का प्रतीक है, जिसमें वैज्ञानिक सहयोग और अनुसंधान की भूमिका को केंद्र में रखा गया है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि स्वास्थ्य सिर्फ मनुष्यों तक सीमित नहीं है बल्कि यह जानवरों, पौधों और पर्यावरण से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, बदलते समय में नई बीमारियों, महामारी और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए विज्ञान पर आधारित निर्णय और वैश्विक स्तर पर सहयोग बेहद जरूरी है। इस थीम के माध्यम से दुनिया भर के देशों, वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य संगठनों को एक साथ मिलकर काम करने और समग्र स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य और महत्व
आज का दिन स्वास्थ्य असमानताओं को दूर करने, वैज्ञानिक उपलब्धियों का सम्मान करने और गलत सूचनाओं के खिलाफ जागरूकता फैलाने में मदद करता है। यह अलग अलग देशों की सरकारों को स्वास्थ्य, जलवायु और पर्यावरण नीतियों में विज्ञान-आधारित निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। भारत जैसे विकासशील देश में यह दिन टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और गैर-संचारी रोगों जैसी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने का बेहतर अवसर देता है। विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें याद दिलाता है कि स्वास्थ्य हमारी साझा जिम्मेदारी है और स्वस्थ मनुष्य ही स्वस्थ समाज और राष्ट्र का निर्माण करते हैं।






