बालू कारोबारी रामाकांत यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपी अंशु उर्फ दिव्यांशु को पटना पुलिस ने ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के तहत हाफ एनकाउंटर में घायल कर दिया है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने शनिवार को बताया कि आरोपी का इलाज फिलहाल पटना एम्स में चल रहा है। इस कार्रवाई के दौरान अंशु ने पुलिस को धक्का देकर भागने की कोशिश की, जिससे पुलिस को उसे रोकने के लिए गोली चलानी पड़ी।
पुलिस को भागने की कोशिश में आरोपी पर कार्रवाई
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि आरोपी अंशु को हथियार बरामद करने के लिए धाना निसरपुरा नहर रोड शनि मंदिर के पास ले जाया गया था। वहाँ जांच के दौरान अंशु ने पुलिस को धक्का देकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब वह नहीं रुका, तो उसके पैर में गोली मारी गई। इससे वह जख्मी हो गया और अब उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
ऑपरेशन लंगड़ा और बिहार पुलिस की तैयारी
बिहार में विधि-व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस लगातार ठोस कदम उठा रही है। ऑपरेशन लंगड़ा के तहत जिलों के टॉप अपराधियों पर पुलिस की नजर है। जेल के अंदर से और बिहार के बाहर से अपराध संचालित करने वाले गैंगस्टर्स पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। एसएसपी ने बताया कि चुनावी वर्ष में कानून व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए पेट्रोलिंग व्यवस्था दुरुस्त की गई है और एनकाउंटर के जरिए अपराधियों पर सख्ती बरती जा रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ
इस हत्याकांड में पहले दो अभियुक्त मंटू कुमार और बिट्टू कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इनके बयान के आधार पर अन्य संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही थी। इसी क्रम में अंशु उर्फ दिव्यांशु को 15 अगस्त को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया और पटना लाया गया। पूछताछ में अंशु ने इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इस घटना ने बिहार पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के खिलाफ सख्ती को उजागर किया है।





