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चुनाव से पहले JDU विधायक समेत इन नेताओं पर गिरी गाज, पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता, जानें वजह

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने बड़ी कार्रवाई की है। JDU ने 5 नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है। तो वहीं शनिवार को भी ऐसी ही  कार्रवाई करते हुए 11 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया था।
चुनाव से पहले JDU विधायक समेत इन नेताओं पर गिरी गाज, पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता, जानें वजह

बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की तारीख नजदीक आती जा रही है। सभी उम्मीदवार चुनावी रण में अपनी पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं। NDA, महागठबंधन और जनसुराज जमकर प्रचार कर रही है तो दूसरी ओर NDA का सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड (JDU) से लगातार नेताओं की छंटनी हो रही है। आज फिर JDU ने करीब 5 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया दिया है।

JDU के इन नेताओं पर गिरी गाज

बिहार में एक तरफ तो चुनाव है तो वहीं दूसरी तरफ JDU लगातार बागी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। आज फिर JDU ने 5 नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है। तो वहीं शनिवार को भी ऐसी ही  कार्रवाई करते हुए 11 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया था। JDU ने आज विधायक गोपाल मंडल, पूर्व विधायक महेश्वर यादव, पूर्व MLC संजीव श्याम सिंह समेत 5 नेताओं को पार्टी से निकाला है। इन नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप है।

शनिवार को भी 11 नेताओं को किया था निष्कासित

JDU की बागी नेताओं के खिलाफ ये पहली कार्रवाई नहीं है। शनिवार को भी JDU ने 11 नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया था। उसमें पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, पूर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद, पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह, पूर्व विधान पार्षद रणविजय सिंह, पूर्व विधायक सुदर्शन कुमार, अमर कुमार सिंह के अलावा महुआ से जदयू की प्रत्याशी रहीं आस्मां परवीन, लव कुमार, आशा सुमन, दिव्यांशु भारद्वाज और विवेक शुक्ला शामिल हैं।

कब हैं विधानसभा चुनाव?

बिहार में पहले चरण के लिए वोटिंग 6 नवंबर और दूसरे फेज के लिए वोटिंग 11 नवंबर को होगी। चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को जारी किए जाएंगे। चुनावों को लेकर सभी पार्टियां जोर-शोर से प्रचार में जुटी हैं। वहीं देखा जाए तो बिहार में सीधा मुकाबला NDA और महागठबंधन के बीच है। हालांकि जनसुराज भी टक्कर में बनी हुई है लेकिन देखना ये होगा कि बिहार की जनता नई पार्टी पर किस हद तक भरोसा करती है।