चुनावी से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार दौरे पर हैं। बुधवार रात 8 बजे पटना पहुंचने के बाद वे रात्रि विश्राम करेंगे। गुरुवार को दो अहम बैठकों में शाह भाग लेंगे। पहली बैठक डेहरी-ऑनसोन में और दूसरी बेगूसराय में आयोजित होगी। इन बैठकों में पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक, संगठन और स्थानीय कार्यकर्ता समेत संबंधित जिलों के प्रभारी भी शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य 2025 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन करना और बूथ सशक्तीकरण के लिए योजना बनाना है।
शाहाबाद और मगध क्षेत्र पर फोकस
डेहरी-ऑनसोन में अमित शाह शाहाबाद और मगध क्षेत्र के नेताओं से मिलकर उन इलाकों में एनडीए की स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे, जो पिछले चुनावों में कमजोर साबित हुए। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में शाहाबाद की 22 सीटों में एनडीए को सिर्फ दो सीटें मिली थीं, जबकि महागठबंधन के खाते में 19 और बसपा के खाते में एक सीट गई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी बक्सर, आरा, काराकाट और सासाराम लोकसभा सीट पर एनडीए का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा।
बैठकों में होंगे जिलेवार विश्लेषण और संगठनात्मक चर्चा
अमित शाह सुबह 10 बजे डेहरी-ऑनसोन के ललन सिंह स्टेडियम में रोहतास, कैमूर, आरा, बक्सर, गया पूर्वी-पश्चिमी, नवादा, जहानाबाद, अरवल और औरंगाबाद के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। दोपहर 2 बजे बेगूसराय के रिफाइनरी टाउनशिप खेल मैदान में पटना ग्रामीण, पटना महानगर, बाढ़, नालंदा, शेखपुरा, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, खगड़िया और बेगूसराय जिलों के नेताओं के साथ चर्चा होगी। बैठक में चुनावी तैयारियों, बूथ सशक्तीकरण और संगठन में अनुशासन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
दौरे का मकसद और संगठन में मजबूती
अमित शाह का यह दौरा बीजेपी की चुनावी तैयारी को मजबूत करने के साथ संगठन में अनुशासन और समन्वय बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका उद्देश्य कमजोर क्षेत्रों को पहचानकर रणनीति बनाना, पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह जगाना तथा आगामी 2025 विधानसभा चुनाव में एनडीए के लिए मजबूत जीत सुनिश्चित करना है। बैठक में अमित शाह नेताओं को जीत का मंत्र देंगे और आगामी चुनावी तैयारी का रोडमैप तय होगा।





