बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौती गांव में हुए कथित एनकाउंटर मामले में चौतरफा दबाव के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिवंगत भरत तिवारी के परिजनों को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट साझा कर जानकारी दी कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी और साथ ही उनके एक परिजन को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। इस फैसले के बाद इस पूरे मामले में चल रहे राजनीतिक और सामाजिक गतिरोध के शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है क्योंकि इस घटना के बाद से ही स्थानीय स्तर पर काफी बवाल देखने को मिला था।
क्या है पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि यह पूरी घटना भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव की है जहां बीती सत्रह जून को पुलिस टीम भरत तिवारी को गिरफ्तार करने के लिए उसके गांव पहुंची थी। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो आरोपी भरत तिवारी ने उन पर अवैध हथियार से अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस टीम ने भी अपनी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की जिसमें गोली लगने से भरत तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में इलाज के दौरान उसकी अस्पताल में मौत हो गई। हालांकि इस एनकाउंटर को लेकर भरत तिवारी के परिजनों ने पुलिस के दावों पर गंभीर सवाल उठाए थे। परिजनों का आरोप था कि भरत तिवारी ने गोली चलाने से पहले ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपना हथियार भी फेंक दिया था लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उसे गोली मार दी।
बढ़ते जनआक्रोश के बीच मुख्यमंत्री ने दिए थे न्यायिक जांच के आदेश
परिजनों के इन गंभीर आरोपों के बाद इस एनकाउंटर मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था और विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की थी। बढ़ते विवाद और जन आक्रोश को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पूरे मामले की निष्पक्षता से न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए थे। इसी न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद अब राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार को राहत देने का यह बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे जिसके बाद कानून सम्मत कार्रवाई भी अमल में लाई गई है।
मामले में कई अधिकारियों पर FIR दर्ज
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में स्थानीय पुलिस प्रशासन के कई आला अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। भोजपुर एसपी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार भरत तिवारी की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्कालीन जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी यानी एसडीपीओ, तत्कालीन शाहपुर थाना प्रभारी यानी एसएचओ और इस पूरी घटना में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही इस मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भरत तिवारी पर गोली चलाने वाले एसटीएफ के जवान को भी गिरफ्तार कर लिया है जिसकी पहचान अक्षय के रूप में की गई है। इस तरह सरकार और प्रशासन इस पूरे मामले में निष्पक्षता बरतने का संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं।
न्यायिक जाँच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 13, 2026





