बांकीपुर। बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस महत्वपूर्ण मुकाबले में जीत दर्ज कर ली है। उनकी इस जीत के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इस जीत पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशांत किशोर को बधाई दी है और इसे जनता के विश्वास तथा लोकतंत्र की जीत बताया है।
उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने कुल 63,203 वोट हासिल किए। मतगणना के 31 राउंड पूरे होने के बाद यह आंकड़ा सामने आया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार नीरज सिन्हा को बड़े अंतर से हराया। नीरज सिन्हा को कुल 44,250 वोट प्राप्त हुए। इस प्रकार, प्रशांत किशोर ने नीरज सिन्हा को 18,953 वोटों के अंतर से पराजित किया। आरजेडी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता इस चुनाव में तीसरे स्थान पर रहीं। रेखा गुप्ता को 14,085 वोट मिले। यह नतीजे बिहार की राजनीतिक तस्वीर में बदलाव के संकेत दे रहे हैं।
प्रशांत किशोर की जीत पर रोहिणी आचार्य का बयान
प्रशांत किशोर की जीत पर रोहिणी आचार्य ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जीत उसकी जरूर होती है, जो लगातार लड़ता है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जनता से जिसका निरंतर जुड़ाव होता है, वही विजयी होता है। रोहिणी आचार्य ने आगे कहा कि जो कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का सम्मान करता है और उनके साथ संपर्क व संवाद कायम रखता है, उसकी जीत सुनिश्चित होती है। यह बयान राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
भाजपा के विरोध और जनता के भरोसे की जीत: रोहिणी आचार्य
उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह जीत भाजपा के विरोध की जीत है। रोहिणी आचार्य ने स्पष्ट किया कि यह लोकतंत्र में जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने विजेता को हार्दिक बधाई दी। साथ ही, प्रशांत किशोर को जन-समर्पित कार्यकाल और भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं भी दीं। रोहिणी आचार्य का यह बयान प्रशांत किशोर की जीत के राजनीतिक मायने और भी गहरे कर रहा है।
प्रशांत किशोर की इस जीत को बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। उनकी जीत ने जहां एक तरफ नई राजनीतिक संभावनाओं को जन्म दिया है, वहीं रोहिणी आचार्य का बयान भी राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चा का केंद्र बना हुआ है। एक ओर उन्होंने प्रशांत किशोर को उनकी जीत के लिए बधाई दी, तो दूसरी ओर उन्होंने इस जीत को भाजपा के विरोध और लोकतंत्र में जनता के विश्वास की जीत के रूप में परिभाषित किया। बांकीपुर का यह उपचुनाव अब केवल एक चुनावी परिणाम नहीं रह गया है। इसे बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर के एक महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। यह चुनाव परिणाम भविष्य की राजनीति के लिए कई नए समीकरण गढ़ सकता है।
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे से ये फिर से साबित हो गया कि ” जीत उसकी जरूर होती है , जो लगातार लड़ता है , जनता से जिसका निरंतर जुड़ाव होता है , जो कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का सम्मान करता है और उनके साथ संपर्क व् संवाद कायम रखता है “..
ये जीत भाजपा के विरोध और लोकतंत्र में जनता के…
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) August 3, 2026





