बिहार के विकास और जनसुविधाओं को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य की सम्राट चौधरी सरकार ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 29 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों में राज्य के 31 बस स्टैंडों को हाईटेक बनाना, केंद्रीय विद्यालयों के लिए भूमि आवंटन और विभिन्न विभागों से जुड़े कई बड़े निर्णय शामिल हैं, जो बिहार के चहुंमुखी विकास की नई इबारत लिखेंगे।
बिहार में यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 31 बस स्टैंडों को हाईटेक बनाने का फैसला लिया गया है। यह निर्णय बिहार कैबिनेट की इस बैठक में लिया गया, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप मिलेगा। कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा, उद्योग, सड़क, परिवहन, पर्यटन, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पर्यावरण, सूचना एवं जनसंपर्क, राजस्व एवं भूमि सुधार, कानून, नागरिक उड्डयन और गन्ना उद्योग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है।
विश्वविद्यालय सेवा आयोग नियमावली-2026 को कैबिनेट की मंजूरी
बैठक में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (संचालन) नियमावली, 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे विश्वविद्यालय स्तर पर नियुक्तियों और संचालन में पारदर्शिता आएगी। श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छी खबर है। ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की अटूट आस्था’ के तहत 20 जुलाई को लगभग 1100 श्रद्धालुओं की दो दिवसीय सोमनाथ यात्रा और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए 2.50 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है। राज्य के राजस्व और उद्योगों से जुड़े फैसलों में कैबिनेट ने पत्थर खनन क्षेत्रों की ई-नीलामी व्यवस्था और न्यूनतम सुरक्षित मूल्य निर्धारण के नए प्रावधान को भी स्वीकृति दी। ग्रामीण विकास को गति देने के लिए विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत अकुशल मजदूरों की मजदूरी दर निर्धारित करने, बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसायटी को नोडल एजेंसी बनाने और योजना के संस्थागत ढांचे को मंजूरी दी गई।
बक्सर के वामन भगवान मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण को मंजूरी
केंद्रीय कारा बक्सर स्थित वामन भगवान मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भूमि पृथक्करण तथा चहारदीवारी निर्माण को भी हरी झंडी मिली है। राजधानी पटना के विकास के लिए पटना नगर निगम को 200 करोड़ रुपये तक का नगर निगम बॉन्ड जारी करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, पटना जू प्रबंधन एवं विकास सोसायटी में 23 नए पदों के सृजन और पूर्व स्वीकृत 29 पदों के प्रत्यर्पण को भी मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे जू के प्रबंधन और संचालन में सुधार होगा।
पंचायती राज, उद्योग और शिक्षा से जुड़े अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर
पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव पर 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक केंद्र सरकार से मिलने वाले 51,923 करोड़ रुपए के अनुदान के वितरण, उपयोग और व्यय को भी स्वीकृति दी गई। औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गया में कोलकाता-इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के लिए 35.19 एकड़ सरकारी भूमि हस्तांतरित करने को मंजूरी मिली। शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा फैसला लिया गया। पूर्णिया, नालंदा, मधेपुरा, मधुबनी और शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना और भवन निर्माण के लिए सरकारी भूमि को 30 वर्ष की लीज पर उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे इन क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा।
बिहार बाह्य विज्ञापन नियमावली-2026 को कैबिनेट की मंजूरी
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की बिहार बाह्य विज्ञापन नियमावली, 2026 को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। नागरिक उड्डयन विभाग के तहत वीरपुर हवाई अड्डे के विकास के लिए 88.83 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु लगभग 29.57 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम में एक अपर प्रबंध निदेशक और एक महाप्रबंधक (ऑपरेशन एवं वित्त) के दो नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
उद्योग और गन्ना किसानों के लिए बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले
उद्योग विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) को औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और आधारभूत संरचना निर्माण के लिए वित्तीय संस्थानों से राज्य सरकार की गारंटी पर 25 हजार करोड़ रुपए तक का वित्तपोषण प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है। इसके साथ ही, बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 की अवधि 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने अथवा नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति लागू होने तक प्रभावी रखने का निर्णय लिया गया है। गन्ना उद्योग विभाग के प्रस्तावों के तहत वर्ष 2026-27 के लिए गन्ना यंत्रीकरण योजना पर 34.59 करोड़ रुपए तथा मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम (बीज विकास योजना) पर 37.93 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है, जिससे गन्ना किसानों को लाभ मिलेगा।





