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बिहार में जनगणना 2027 का पहला चरण इस दिन से होगा शुरू, घर-घर आकर पूछे जाएंगे ये 33 सवाल

Written by:Banshika Sharma
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देश की सबसे बड़ी जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है, जिसमें मकानों की गिनती की जाएगी। दरअसल बिहार में जनगणना अधिकारी 2 मई से 31 मई के बीच आपके घर पहुंचेंगे और 33 सवालों की जानकारी लेंगे। वहीं आप 17 अप्रैल से ऑनलाइन पोर्टल पर स्व-गणना भी कर सकेंगे।
बिहार में जनगणना 2027 का पहला चरण इस दिन से होगा शुरू, घर-घर आकर पूछे जाएंगे ये 33 सवाल

देश की सबसे बड़ी जनगणना शुरू होने जा रही है। दरअसल इसका पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है, जिसमें देश भर के मकानों और घरों की गिनती की जाएगी। बिहार में इस प्रक्रिया के लिए खास तारीखें तय की गई हैं। राज्य में जनगणना अधिकारी 2 मई से 31 मई 2026 के बीच आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे और आपसे 33 सवाल पूछेंगे। बता दें कि यह जानकारी सीधे सरकार के पास जाएगी और इसका इस्तेमाल भविष्य की योजनाओं और नीतियों को बनाने में किया जाएगा।

दरअसल अधिकारियों के घर पहुंचने से पहले, बिहार के नागरिक 17 अप्रैल से 1 मई 2026 के बीच ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। वहीं इस दौरान आप एक ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी खुद ही दर्ज कर पाएंगे। यह ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप हिंदी और अंग्रेजी सहित कुल 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी सुविधानुसार जानकारी साझा कर सकें। यह कदम प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए उठाया गया है।

जानकारी दे दें कि जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती और परिवारों से जुड़ी बुनियादी जानकारी इकट्ठा की जाएगी। वहीं यह डेटा सरकार को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों के रहन-सहन, सुविधाओं की उपलब्धता और मूलभूत आवश्यकताओं को समझने में मदद करेगा। इस चरण में जमा की गई जानकारी के आधार पर ही दूसरे चरण, यानी जनसंख्या गणना की रूपरेखा तय की जाएगी। नागरिकों की सही जानकारी देश के विकास की दिशा तय करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

जनगणना के दौरान क्या-क्या सवाल पूछे जाएंगे?

वहीं जनगणना अधिकारी जब आपके घर आएंगे या जब आप स्व-गणना के तहत जानकारी देंगे, तो आपसे कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। ये सवाल आपके घर-परिवार से जुड़ी बुनियादी जानकारी पर केंद्रित होंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • परिवार के मुखिया का नाम
  • मकान की छत में इस्तेमाल सामग्री
  • मोबाइल नंबर
  • पेयजल का सोर्स
  • मकान नंबर
  • टीवी
  • परिवार के सदस्यों की संख्या
  • शौचालय की उपलब्धता
  • मकान के दीवार में इस्तेमाल सामग्री
  • साइकल, स्कूटर, मोटरसाइकल
  • मकान का इस्तेमाल
  • इंटरनेट की सुविधा
  • परिवार क्रमांक
  • गैस कनेक्शन
  • मकान की हालत
  • कार, जीप, वैन
  • विवाहित दंपतियों की संख्या
  • बिजली का सोर्स
  • लैपटॉप या कंप्यूटर
  • मुख्य अनाज
  • मकान में कमरों की संख्या
  • स्नानघर की उपलब्धता
  • रेडियो या ट्रांजिस्टर
  • मकान के फर्श में इस्तेमाल प्रमुख सामग्री
  • शौचालय का प्रकार
  • परिवार के मुखिया का लिंग
  • टेलीफोन, मोबाइल, स्मार्ट फोन
  • पेयजल की उपलब्धता
  • गंदे पानी की निकासी
  • भवन नंबर या जनगणना नंबर
  • मकान के स्वामित्व की स्थिति
  • खाना पकाने का मुख्य ईंधन
  • जाति (सामान्य / अनुसूचित जाति / जनजाति / ओबीसी)

सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी

वहीं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि जनगणना में दी जाने वाली सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। जनगणना अधिनियम में धारा 15 का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है। यह धारा सुनिश्चित करती है कि दी गई व्यक्तिगत जानकारी को गोपनीय माना जाए। इसे सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत प्रकट नहीं किया जा सकता है। साथ ही, इसे अदालत में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और न ही किसी अन्य संगठन के साथ साझा किया जा सकता है। यह प्रावधान नागरिकों की निजता सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है, ताकि लोग बिना किसी झिझक के सही जानकारी दे सकें।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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