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बिहार में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने 2 मई 2026 से मकान सूचीकरण की घोषणा की

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि राज्य में मकान सूचीकरण का कार्य 2 मई 2026 से शुरू होगा, जबकि नागरिकों को इससे पहले ऑनलाइन स्व-गणना का विकल्प भी दिया जाएगा। सिन्हा ने इसे विकास योजनाओं की नींव बताते हुए लोगों से सहयोग की अपील की।
बिहार में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने 2 मई 2026 से मकान सूचीकरण की घोषणा की

पटना: बिहार में जनगणना 2027 की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस राष्ट्रीय अभियान की विस्तृत समय-सीमा की घोषणा की। केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद राज्य में यह प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकानों का सूचीकरण किया जाएगा। यह कार्य 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक चलेगा, जिसके तहत जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे। हालांकि, नागरिकों की सुविधा के लिए सरकार ने एक ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था भी की है। इच्छुक व्यक्ति 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 के बीच ‘स्व-गणना’ के माध्यम से खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।

विकास की नींव है जनगणना

विजय कुमार सिन्हा ने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना सिर्फ आबादी गिनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह राज्य के विकास का आधार है। उन्होंने नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करने की अपील की।

“जनगणना केवल जनसंख्या का आंकड़ा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और आधारभूत संरचना जैसी सभी विकास योजनाओं की नींव है। इसलिए हर नागरिक का दायित्व है कि वो गणनाकर्मियों को सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी दें।”- विजय कुमार सिन्हा, उपमुख्यमंत्री, बिहार

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत नागरिकों द्वारा दी गई सभी सूचनाओं को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है और किसी भी निजी जानकारी का दुरुपयोग नहीं होता है।

बजट में स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर फोकस

उपमुख्यमंत्री ने सरकार की विकास प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करते हुए बिहार बजट 2026-27 के कुछ प्रावधानों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के लिए ₹21,270.40 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और आधुनिक उपचार सुविधाओं का विस्तार होगा।

इसके अलावा, ग्रामीण विकास को गति देने के लिए विभाग को ₹23,701.18 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सिन्हा ने कहा, “विकसित गांव ही मजबूत बिहार की नींव हैं। इस बजट से गांवों में सड़क-आवास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे आत्मनिर्भर गांवों के साथ बिहार और अधिक सशक्त बनेगा।”

पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से होगा काम

इस अवसर पर मौजूद प्रधान सचिव सीके अनिल एवं सचिव जय सिंह ने भी अधिकारियों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि जनगणना का यह काम पूरी तरह समयबद्ध, पारदर्शी और बिना किसी गलती के पूरा कराया जाएगा, ताकि बिहार इस राष्ट्रीय अभियान में एक बेहतरीन मिसाल पेश कर सके।