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बिहार विधानसभा के 105वें स्थापना दिवस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने क्या कहा, 2026 तक सभी विधानसभाओं को डिजिटल करने का लक्ष्य

Written by:Gaurav Sharma
Published:
बिहार विधानसभा के 105वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देश की सभी विधानसभाओं को 2026 तक डिजिटल करने की घोषणा की। उन्होंने 'वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म' का जिक्र करते हुए सदनों में सार्थक चर्चा और उसकी गिरती मर्यादा पर चिंता व्यक्त की।
बिहार विधानसभा के 105वें स्थापना दिवस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने क्या कहा, 2026 तक सभी विधानसभाओं को डिजिटल करने का लक्ष्य

पटना: बिहार विधानसभा के 105वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक भव्य समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ‘वन नेशन वन लेजिसलेटिव प्लेटफार्म’ की अवधारणा पर काम कर रही है और लक्ष्य है कि 2026 तक देश की सभी विधानसभाओं की कार्यवाही को पूरी तरह से डिजिटल कर एक ही मंच पर लाया जाए।

यह कार्यक्रम विधानसभा के नवनिर्मित सेंट्रल हॉल में आयोजित किया गया था, जिसमें कई गणमान्य हस्तियां शामिल हुईं। ओम बिरला ने कहा कि इस डिजिटलीकरण से विधायी कार्यों में अधिक पारदर्शिता आएगी और प्रशासन जवाबदेह बनेगा। उन्होंने कहा, “राज्यों की लेजिसलेटिव असेंबली डिजिटल हो चुकी हैं। 2026 तक हम सारे राज्य विधानसभाओं की कार्यवाही को डिजिटाइज कर एक प्लेटफार्म पर लायेंगे।”

सदनों की गिरती मर्यादा पर जताई चिंता

अपने संबोधन में ओम बिरला ने विधायी सदनों की मर्यादा और प्रतिष्ठा में आ रही कमी को एक गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि ही विधायी सदन का सामर्थ्य होते हैं और सदन की मर्यादा उन्हीं पर टिकी होती है।

“सदनों की मर्यादा और प्रतिष्ठा में कमी हम सभी के लिए चिंता का विषय है। इसीलिए लगातार राजनीतिक दलों से चर्चा कर सदनों को मर्यादित और संवाद का केंद्र बनाने की ओर हमारा प्रयास रहता है।”- ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सदनों के अंदर जितनी सार्थक और विषय की जानकारी के साथ चर्चा होगी, सदन की मर्यादा उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा लोकतंत्र को सशक्त करने की दिशा में मार्गदर्शन करेगी।

संवाद की परंपरा को मजबूत करने पर जोर

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संवाद की परंपरा को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने सदस्यों को सलाह दी कि जब वे सदन में चर्चा करें तो उनके पास विषय की पूरी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “नियम कानून और संविधान की जानकारी को रखकर आप अगर सदन में चर्चा करोगे तो प्रशासन में पारदर्शिता आएगी।”

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ओम बिरला के अलावा केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी शामिल हुए। इनके अतिरिक्त बिहार विधानसभा के अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सभी ने विधानसभा के गौरवशाली इतिहास को याद किया।