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दिल्ली के जनकपुरी हादसे पर CM रेखा गुप्ता का कड़ा रुख, PWD और MCD समेत सभी एजेंसियों के लिए 8-सूत्रीय सुरक्षा निर्देश जारी

Written by:Ankita Chourdia
Published:
पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में शुक्रवार को हुई एक दुखद दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने दिल्ली में सभी विभागों और कार्यान्वयन एजेंसियों के लिए खुदाई स्थलों पर आठ-सूत्रीय सुरक्षा ढांचे का पालन अनिवार्य कर दिया है। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली के जनकपुरी हादसे पर CM रेखा गुप्ता का कड़ा रुख, PWD और MCD समेत सभी एजेंसियों के लिए 8-सूत्रीय सुरक्षा निर्देश जारी

CM Rekha Gupta

नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई का आदेश देते हुए सभी विभागों और कार्यान्वयन एजेंसियों के लिए एक व्यापक आठ-सूत्रीय सुरक्षा ढांचा अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, मुख्य सचिव ने एक विस्तृत कार्यालय ज्ञापन जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि लापरवाही के कारण होने वाली किसी भी जान-माल की हानि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खुदाई स्थलों पर सुरक्षा में चूक को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। ये नियम दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सभी विभागों पर लागू होंगे, जिनमें लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB), दिल्ली नगर निगम (MCD), और बिजली वितरण कंपनियां (DISCOMs) शामिल हैं।

“मुख्यमंत्री ने जनकपुरी दुर्घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है और स्पष्ट किया है कि लापरवाही के कारण किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि अस्वीकार्य है। जनसुरक्षा से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। जहां भी चूक पाई जाएगी, वहां जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”- दिल्ली सरकार

सभी खुदाई स्थलों के लिए नए सुरक्षा मानक

सरकार द्वारा जारी किए गए आठ-सूत्रीय निर्देशों का उद्देश्य निर्माण स्थलों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। इन नियमों के तहत, सभी कार्य स्थलों पर पर्याप्त दूरी से स्पष्ट चेतावनी संकेतक लगाना अनिवार्य है। रात के समय और कम दृश्यता की स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खुदाई वाले क्षेत्रों और बैरिकेड्स के आसपास रिफ्लेक्टर लाइट्स, ब्लिंकर्स और चमकीले टेप का उपयोग आवश्यक होगा।

इसके अलावा, सभी विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्य स्थलों के चारों ओर मजबूत और स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली बैरिकेडिंग हो, ताकि कोई भी पैदल यात्री या वाहन गलती से भी उस क्षेत्र में प्रवेश न कर सके। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि खुदाई से निकली सामग्री या खुली खाई राहगीरों को दिखाई न दे और धूल प्रदूषण का कारण न बने।

जवाबदेही तय, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

नए दिशानिर्देशों में अनुपालन की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से संबंधित फील्ड अधिकारियों, इंजीनियर-इन-चार्ज और कार्यान्वयन एजेंसियों/ठेकेदारों पर डाली गई है। इन अधिकारियों को नियमित रूप से साइटों का निरीक्षण करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि सुरक्षा उपाय हर समय लागू रहें।

एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, सभी विभागों को दिल्ली में चल रहे और हाल ही में पूरे हुए सभी खुदाई कार्यों की तत्काल समीक्षा करने का आदेश दिया गया है। विभागों को तीन दिनों के भीतर एक समेकित रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय में जमा करनी होगी, जिसमें स्थलों का स्थान, लागू किए गए सुरक्षा उपायों और किसी भी कमी को दूर करने के लिए उठाए गए सुधारात्मक कदमों का पूरा विवरण हो।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों के उल्लंघन को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। यदि लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना, चोट या जान-माल का नुकसान होता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी को भी शॉर्टकट अपनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।