बिहार के लाखों किसानों के लिए शनिवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के 2 लाख से अधिक किसानों के लिए 100 करोड़ रुपये की कृषि इनपुट अनुदान राशि जारी की। यह राशि उन किसानों को दी जा रही है जिनकी फसलें हाल के दिनों में बेमौसम बारिश और तूफान के कारण बर्बाद हो गई थीं। सरकार का यह कदम आपदा प्रभावित अन्नदाताओं को तत्काल आर्थिक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यह पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक कार्यक्रम में संपन्न हुई, जिसमें सीएम नीतीश के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और कृषि मंत्री रामकृपाल यादव भी मौजूद रहे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सहायता राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे किसानों के बैंक खातों में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
किसानों के खाते में सीधे पहुंचेंगे 100 करोड़
कृषि विभाग ने प्रभावित किसानों से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन करने के बाद लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार सुबह 10:30 बजे आयोजित कार्यक्रम में इस राशि को जारी करने की प्रक्रिया का शुभारंभ किया। सरकार की कोशिश है कि किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिले, ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें। इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के कई वरीय अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।
फसल क्षति के आधार पर तय हुई अनुदान राशि
सरकार ने फसल क्षति के लिए अनुदान की दरें भी निर्धारित की हैं, जो नुकसान के प्रकार और सिंचाई की व्यवस्था पर आधारित हैं।
- असिंचित क्षेत्र: 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
- सिंचित क्षेत्र: 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
- शाश्वत फसलें (गन्ना आदि): 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
यह अनुदान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए ही देय होगा। इसके अलावा, सरकार ने एक न्यूनतम सहायता राशि भी तय की है, जिसके तहत असिंचित क्षेत्र के लिए कम से कम 1,000 रुपये और सिंचित क्षेत्र के लिए 2,000 रुपये मिलना अनिवार्य है।
पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए बड़े ऐलान
किसानों को राहत देने के साथ ही, मुख्यमंत्री ने आम लोगों की सड़क सुरक्षा को लेकर भी एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने परिवहन विभाग को राज्य में पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
सीएम ने शहरी इलाकों, खासकर भीड़-भाड़ वाली जगहों को चिह्नित कर जल्द से जल्द फुटपाथ का निर्माण करने को कहा है। इसके अलावा, सड़कों पर सुरक्षित आवाजाही के लिए निर्धारित स्थानों पर जेब्रा क्रॉसिंग, फुट ओवर ब्रिज, एस्केलेटर और अंडरपास बनाने का भी निर्देश दिया गया है।
ड्राइवरों की ट्रेनिंग और ‘ब्लैक स्पॉट’ पर नजर
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी सरकारी और निजी वाहन चालकों को विशेष ट्रेनिंग देने का निर्देश दिया गया है। इस ट्रेनिंग का मकसद ड्राइवरों को पैदल चलने वाले लोगों के अधिकारों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना है।
साथ ही, राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उन जगहों (Black spot) को चिह्नित करने का आदेश दिया गया है, जहां सड़क दुर्घटनाओं की आशंका सबसे अधिक होती है। इन जगहों पर फुटपाथ निर्माण के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि दुर्घटनाओं के कारणों का आकलन कर भविष्य में उन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।






