बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर चल रही सियासी अटकलों के बीच केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपनी मां रीना पासवान के राज्यसभा भेजे जाने की खबरों को पूरी तरह से खारिज करते हुए उन पर विराम लगा दिया है। चिराग ने साफ कहा कि उनकी मां सक्रिय राजनीति में नहीं आना चाहतीं।
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की। बिहार में विधानसभा के संख्या बल के अनुसार, पांच में से चार सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है। इसी को लेकर चर्चा तेज थी कि एक सीट पर चिराग पासवान अपनी मां को उम्मीदवार बना सकते हैं।
‘मेरी मां की कोई दावेदारी नहीं’
चिराग पासवान ने इन चर्चाओं को सिरे से खारिज किया और कहा कि उनकी मां को राजनीति में लाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि एक मां और पत्नी के रूप में वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके और उनके पिता के साथ नजर आती रही हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह राजनीति में प्रवेश कर रही हैं।
“प्रभु मैं इस बात को स्पष्ट कर दूं कि मेरी मां राजनीति में नहीं आ रही हैं। आप लोग इसे कतई डिबेट का हिस्सा नहीं बनाएं। वह (रीना पासवान) अपने आप को सक्रिय राजनीति से दूर रखती हैं और रखना चाहती हैं। मेरी मां की पांच राज्यसभा सीटों में से कोई दावेदारी नहीं है।” — चिराग पासवान, केंद्रीय मंत्री
एनडीए की जीत का दावा, कुशवाहा पर चुप्पी
जहां एक ओर चिराग ने अपनी मां की उम्मीदवारी को नकारा, वहीं दूसरी ओर उन्होंने एनडीए गठबंधन की जीत पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “इतना जरूर मानता हूं कि पांच की पांच सीटें हमारा एनडीए गठबंधन जीतेगा। इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है।”
हालांकि, जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि क्या सहयोगी दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा को एक सीट मिलेगी, तो इस सवाल पर चिराग पासवान शांत दिखे और उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से परहेज किया।
कानून-व्यवस्था पर विपक्ष को घेरा
इससे पहले, हाजीपुर में चिराग पासवान ने बजट सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर किए जा रहे विरोध पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कोई भी घटना घटती है तो चिंता का विषय है। विपक्ष चाहे इस पर राजनीति करे लेकिन ये हमारी सरकार के लिए गंभीर विषय है। हमारी सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठा रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले।”






