सिंहस्थ-2028 के लिए प्रशासनिक तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश पुलिस ने एक बड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें इंदौर के अनुभवी पुलिस अफसर उज्जैन में प्रदेश के 550 जवानों को प्रशिक्षित करेंगे। यह विशेष ट्रेनिंग अगले हफ्ते से शुरू होगी और इसका मुख्य फोकस महाकुंभ के दौरान लाखों की भीड़ के प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति से निपटने पर रहेगा।
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में प्रदेश के हर जिले से 10 पुलिस जवानों को शामिल किया जाएगा। उज्जैन से ट्रेनिंग लेने के बाद ये जवान मास्टर ट्रेनर के तौर पर अपने-अपने जिलों में जाकर अन्य पुलिसकर्मियों की टीमें तैयार करेंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अगले दो वर्षों तक अलग-अलग चरणों में जारी रहेगा, जिसमें उज्जैन और भोपाल के अधिकारी भी अपना अनुभव साझा करेंगे।
प्रयागराज और हरिद्वार कुंभ के अनुभवों से सीखेंगे जवान
ट्रेनिंग का पूरा जोर सैद्धांतिक ज्ञान के बजाय मैदानी चुनौतियों पर होगा। इंदौर के अधिकारी जवानों को प्रयागराज, नासिक और हरिद्वार में हुए कुंभ के दौरान सामने आई चुनौतियों और सफल प्रबंधन के तरीकों के बारे में विस्तार से बताएंगे। शाही स्नान के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने, बैरिकेडिंग और रूट प्लानिंग को प्रभावी ढंग से लागू करने और ट्रैफिक डायवर्जन की रणनीतियों पर विशेष अभ्यास कराया जाएगा।
इसके अलावा, आग लगने जैसी घटनाओं को रोकने और उन पर काबू पाने के लिए फायर सेफ्टी पर एक अलग सत्र होगा, जिसमें मॉक ड्रिल भी शामिल है। पांडालों की सुरक्षा, भोजन वितरण की व्यवस्था, लापता लोगों को खोजने की तकनीक और आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन जैसे विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
भीड़ प्रबंधन में AI तकनीक की अहम भूमिका
इस बार सिंहस्थ में सुरक्षा और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को इस नई तकनीक से भी अवगत कराया जाएगा। एआई-आधारित सिस्टम से यह पता चल सकेगा कि किस क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ रहा है, कहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है या कौन सी जगह संवेदनशील हो सकती है। रियल-टाइम मॉनिटरिंग से मौके पर तैनात अधिकारियों को तुरंत और सटीक फैसले लेने में मदद मिलेगी।
उज्जैन के साथ इंदौर-ओंकारेश्वर पर भी नजर
सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले हजारों श्रद्धालु दर्शन और पर्यटन के लिए इंदौर और ओंकारेश्वर भी जाते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे मालवा क्षेत्र में सुरक्षा और सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनाई है। इंदौर में देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों पर यात्रियों की भारी भीड़ के अनुमान को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल, हेल्प डेस्क और मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य सिर्फ भीड़ को संभालना नहीं, बल्कि पूरे आयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाकर एक मिसाल कायम करना है।






