होली के त्योहार के नजदीक आते ही मिलावटखोरों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की एक टीम ने पालदा क्षेत्र में स्थित ‘सतगुरु फूड्स’ नामक इकाई पर दबिश देकर एक बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश किया। यहां से लगभग 1600 किलोग्राम ‘शाही गुलाब जामुन’ जब्त किए गए, जिन्हें बेहद गंदे और अस्वास्थ्यकर माहौल में तैयार किया जा रहा था।
यह कार्रवाई शहरवासियों की सेहत से हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा शुरू किए गए अभियान का हिस्सा है। मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि मिठाई बनाने का कारखाना बिना किसी वैध लाइसेंस के चलाया जा रहा था। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सील कर उत्पादन बंद करवा दिया है।
फैक्ट्री में चारों तरफ गंदगी का अंबार
जांच के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं, वे चौंकाने वाली थीं। मिठाई बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल सीधे जमीन पर रखा हुआ था, जहां चारों तरफ गंदगी फैली थी। कारखाने में काम करने वाले कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा मानक, जैसे कि सिर पर कैप या ग्लव्स, के काम कर रहे थे।
अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो पता चला कि किसी भी कर्मचारी का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं बनवाया गया था और न ही फैक्ट्री में इस्तेमाल हो रहे पानी की जांच रिपोर्ट मौजूद थी। इकाई के प्रोपराइटर, विशाल उदासी, खाद्य सामग्री निर्माण के लिए आवश्यक वैध अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) भी प्रस्तुत नहीं कर सके।
शहर में दो अन्य प्रतिष्ठानों पर भी दबिश
सतगुरु फूड्स के अलावा, खाद्य विभाग की टीमों ने शहर में दो अन्य स्थानों पर भी जांच की:
जय नमकीन, पिपलिया राव: यहां से नमकीन के सैंपल जांच के लिए लिए गए। प्रतिष्ठान के संचालक संजय गोयल को साफ-सफाई की व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के लिए सख्त चेतावनी दी गई।
राजकमल भोजनालय, रणजीत हनुमान रोड: इस भोजनालय के किचन और स्टोरेज एरिया में काफी अव्यवस्था पाई गई, जिसके बाद अधिकारियों ने पनीर और आटे के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
“उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब्त किए गए गुलाब जामुन के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें FIR भी शामिल है।” — शिवम वर्मा, कलेक्टर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जब्त किए गए गुलाब जामुन के 800 ग्राम और 1500 ग्राम के पैकेटों से नमूने लेकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






