कांग्रेस ने असम में अपनी चुनावी रणनीति को धार देते हुए एक बड़ा बदलाव किया है। पहली बार गांधी परिवार के किसी सदस्य को टिकट वितरण प्रक्रिया की सीधी जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस सांसद और महासचिव प्रियंका गांधी को असम की स्क्रीनिंग कमेटी का मुखिया बनाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य टिकट बंटवारे में होने वाली भितरघात और गुटबाजी को रोकना है।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पार्टी आलाकमान को रिपुन बोरा जैसे नेताओं के पार्टी छोड़ने जैसी घटनाओं का अंदेशा पहले से था। अब प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी के निर्देशों पर काम करते हुए एक नई पहल की है। उन्होंने दिल्ली से टिकट तय करने की पुरानी परंपरा को बदलते हुए असम को एक ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के तौर पर चुना है, जहां उम्मीदवारों का फैसला जिला स्तर पर होगा।
स्थानीय स्तर पर फीडबैक, दिल्ली की भूमिका कम
अपनी नई भूमिका में प्रियंका गांधी ने जमीन पर उतरकर काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने गुवाहाटी में कई जिलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इसके साथ ही, स्क्रीनिंग कमेटी के अन्य सदस्यों को भी अलग-अलग जिलों में भेजा गया है। ये सदस्य जिला स्तर के नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के प्रतिनिधियों और यहां तक कि पत्रकारों से भी मुलाकात कर रहे हैं। इसका मकसद प्रदेश इलेक्शन कमेटी द्वारा भेजे गए नामों पर जमीनी हकीकत का पता लगाना है।
सीएम हिमंत पर सीधा हमला
प्रियंका गांधी ने अपने पहले असम दौरे पर सिर्फ संगठन को ही मजबूत करने का काम नहीं किया, बल्कि सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी हमला बोला। उन्होंने हिमंता सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, उद्योगपतियों से सांठगांठ और जमीन घोटाले जैसे गंभीर आरोपों के साथ एक चार्जशीट भी जारी की। कांग्रेस की योजना इस चार्जशीट को असम के घर-घर तक पहुंचाने की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमंता बिस्वा सरमा के ‘हिंदू-मुस्लिम कार्ड’ का मुकाबला करने के लिए प्रियंका ने अपने दौरे की शुरुआत मां कामाख्या देवी के दर्शन के साथ की, जो एक प्रतीकात्मक कदम था।
जुबिन गर्ग के संदेश से दिया एकता का पैगाम
प्रियंका ने असम की संस्कृति और भावनाओं से जुड़ने की भी कोशिश की। उन्होंने हाल ही में दिवंगत हुए प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग के परिवार से मुलाकात की और उनके गीतों में छिपे एकता के संदेश का जिक्र करते हुए सीएम हिमंत को नसीहत दी।
“जब जुबीन गर्ग जी की मृत्यु हुई तो असम की हर आंख में आंसू थे। वे असम की जनता की आवाज थे। उन्होंने अपने गानों में हमेशा प्रेम, लगाव और एकता की बातें कीं। असम की जनता उनसे इतना लगाव इसलिए रखती है, क्योंकि ये भावनाएं असम की जनता की भावनाएं हैं।”- प्रियंका गांधी
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जुबिन के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन उनके संदेश को हमेशा याद रखा जाना चाहिए, भले ही मुख्यमंत्री बांटने की राजनीति करें। इन रणनीतियों के साथ प्रियंका गांधी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले चुनावों में कांग्रेस असम में सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को कड़ी चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार है।






