होली का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। मिठाइयों, पनीर, मावा और घी की मांग अचानक तेज हो जाती है। हर घर में पकवान बनते हैं, मेहमान आते हैं और रंगों के साथ स्वाद का भी त्योहार मनाया जाता है। लेकिन इसी भीड़ और मांग के बीच मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे समय में अगर थाली में रखा पनीर या मिठाई शुद्ध न हो तो त्योहार की खुशी फीकी पड़ सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए इंदौर में “शुद्ध होली-सुरक्षित इंदौर अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 209 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त किया है। यह कार्रवाई न सिर्फ मिलावट पर रोक लगाने की कोशिश है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कदम भी है।
शुद्ध होली-सुरक्षित इंदौर अभियान
इंदौर में होली से पहले खाद्य सुरक्षा प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। त्योहार के दौरान दूध, पनीर, मावा, घी और मिठाइयों की खपत कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसी को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के तीन अलग-अलग दल बनाए गए हैं।
ये दल शहर के अलग-अलग इलाकों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं। बिना सूचना के दुकानों और डेयरी पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। शुद्ध होली-सुरक्षित इंदौर अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि लोगों तक सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचे।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अनुसार, यह अभियान सिर्फ एक दिन की कार्रवाई नहीं है। होली तक लगातार जांच जारी रहेगी। जिन प्रतिष्ठानों पर मिलावट की आशंका होगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नव शक्ति डेरी से 209 किलो संदिग्ध पनीर जब्त
तेजाजी नगर, खंडवा रोड स्थित नव शक्ति डेरी एंड स्वीट्स पर औचक निरीक्षण किया गया। मौके पर प्रोपराइटर प्रतिष्ठान का संचालन करते मिले। यहां पनीर, मावा, घी और मिठाइयों का निर्माण और बिक्री हो रही थी।
विभाग को पहले से सूचना मिली थी कि यहां मिलावटी पनीर बनाया और बेचा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पनीर, घी, मावा, मिल्क केक, पेड़ा, बेसन लड्डू और दूध के कुल सात नमूने लिए गए।
मिलावट की आशंका के चलते 209 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई जा रही है। इस कार्रवाई से साफ है कि शुद्ध होली-सुरक्षित इंदौर अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर सख्ती से लागू किया जा रहा है।
रानीबाग और अन्य क्षेत्रों में भी जांच तेज
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रानीबाग क्षेत्र में भी कार्रवाई की। क्वालिटी स्वीट्स से मिल्क केक, पेड़ा, मलाई बर्फी, रतलामी सेव, खट्टा मीठा मिक्सचर और लौंग सेव के छह नमूने लिए गए।
इसके अलावा रानीबाग स्थित अमृत डेरी से दूध और घी के दो नमूने जांच के लिए लिए गए। होली के समय मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण इन उत्पादों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
शुद्ध होली-सुरक्षित इंदौर अभियान के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाजार में बिकने वाला हर खाद्य पदार्थ गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरे। अगर किसी नमूने में मिलावट पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मसाला प्रतिष्ठान और रेस्टोरेंट पर औचक निरीक्षण
एक अन्य दल ने पोरवाल मसाला, नंदानगर पाटनीपुरा मेन रोड पर निरीक्षण किया। यहां खाद्य अनुज्ञप्ति नहीं पाई गई। मौके से तुअर दाल, मसूर दाल, चना दाल, उड़द दाल और मूंग दाल के पांच नमूने लिए गए। तीसरे दल ने सुदामा नगर स्थित मिठास 365 रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। यहां से मिल्क केक और पनीर के दो नमूने लिए गए। इन सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है।
प्रयोगशाला जांच के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत लिए गए सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद अगर मिलावट साबित होती है तो संबंधित प्रतिष्ठान पर जुर्माना, लाइसेंस रद्द या अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। त्योहारों के दौरान लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।






