नई दिल्ली: बिहार के चर्चित ‘लैंड फॉर जॉब’ यानी नौकरी के बदले जमीन घोटाले से जुड़े CBI के मामले में गुरुवार को एक अहम सुनवाई हुई। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान तेज प्रताप ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह निर्दोष हैं और इस मामले में मुकदमे का सामना करेंगे। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए। हालांकि, कोर्ट ने तेज प्रताप यादव को एक राहत देते हुए भविष्य में व्यक्तिगत पेशी से छूट प्रदान की है।
ट्रायल का सामना करेंगे तेज प्रताप
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को हुई सुनवाई का मुख्य बिंदु तेज प्रताप यादव के खिलाफ आरोप तय करना था। अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद, तेज प्रताप यादव ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि वे कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए ट्रायल फेस करेंगे। यह इस मामले में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि अब मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इससे पहले, 16 फरवरी को इसी मामले में लालू प्रसाद यादव और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया था।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी और पिछला घटनाक्रम
यह मामला लालू यादव के परिवार के लिए लंबे समय से कानूनी चुनौती बना हुआ है। गौरतलब है कि बीते 29 जनवरी को राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव समेत अन्य आरोपियों को आरोप तय करने के लिए 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच पेश होने की छूट दी थी।
इसी साल जनवरी में मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एक बेहद सख्त टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि लालू यादव और उनके परिवार ने एक ‘आपराधिक गिरोह’ की तरह काम किया और उनकी ओर से एक व्यापक साजिश रची गई। अब इस मामले में सभी आरोपियों पर आरोप तय होने के बाद ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।





