नई दिल्ली: बिहार को पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के लिए एक वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना के तहत मंगलवार को एक बड़ी पहल की गई। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026’ में बिहार पवेलियन का उद्घाटन किया। इस वैश्विक मंच पर बिहार ने न केवल अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि कई महत्वपूर्ण निवेश समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए, जिनसे राज्य में 10,000 से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने इस अवसर पर अपनी दो प्रमुख नीतियों बिहार जीसीसी नीति 2026 तथा बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 का भी अनावरण किया। इन नीतियों का लक्ष्य वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों को बिहार में निवेश के लिए आकर्षित करना है।
बड़े निवेश और समझौतों पर लगी मुहर
समिट में बिहार ने नवाचार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े समझौते किए। आईआईटी पटना में एक रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा, बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence) स्थापित करने के लिए 60 करोड़ रुपये का एक और MoU साइन किया गया। इस AI CoE के लिए टाइगर एनालिटिक्स को उद्योग भागीदार और आईआईटी पटना को शैक्षणिक भागीदार बनाया गया है।
इन बड़े समझौतों के अतिरिक्त, राज्य की नई नीतियों के तहत कई प्रमुख जीसीसी और आईटी इकाइयों के साथ भी करार हुए। इनमें रेड साइबर (103 करोड़ रुपये), ग्रोQR (30 करोड़ रुपये) और सीआईपीएल (25 करोड़ रुपये) जैसी कंपनियां शामिल हैं। सरकार का अनुमान है कि इन पहलों से उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हजारों नौकरियां पैदा होंगी और AI-संबद्ध कार्यक्रमों के माध्यम से 50,000 से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्रियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय पंचायती राज और मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने की।
बिहार सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह, उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा भी मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जो राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वैश्विक मंच पर बिहार की ब्रांडिंग
यह पांच दिवसीय समिट एक विशाल अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, जिसमें 100 से अधिक प्रौद्योगिकी कंपनियों के सीईओ, 135 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 50 से अधिक देशों के मंत्री हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे वैश्विक मंच पर बिहार पवेलियन (हॉल 5-एफ, स्टॉल संख्या 8 और 12) की स्थापना राज्य को एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में पेश करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।





