बिहार में सहकारी समितियों को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए राज्य सरकार ने विकसित पैक्स में साइट स्टडी टूर कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। सोमवार को सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान, पटना से इस कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई।
प्रथम चरण में पटना के 25 पैक्स अध्यक्षों एवं प्रबंधकों को नालंदा जिले के एकंगरसराय स्थित तेलहारा पैक्स में भेजा गया। इस अवसर पर सचिव सहकारिता विभाग धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला बताया
कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार सहकारिता क्षेत्र को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सहकारिता केवल संस्था नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है। विकसित पैक्सों के सफल मॉडल का अध्ययन कर अन्य समितियां भी अपने कार्यक्षेत्र में नवाचार एवं विविधीकरण को अपना सकेंगी।
मंत्री ने बताया कि इस पहल से समितियों की आय में वृद्धि होगी और किसानों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य के सभी जिलों में एक साथ शुरू हुआ भ्रमण
सहकारिता विभाग के अनुसार सोमवार से राज्य के सभी जिलों में प्रशिक्षण-सह-अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम के तहत संबंधित जिलों के 25-25 पैक्स अध्यक्षों एवं प्रबंधकों के प्रथम दल को परिभ्रमण के लिए रवाना किया गया। जमुई जिले के जमुई, बरहट एवं गिद्धौर प्रखंड के 25 पैक्सों के अध्यक्षों एवं प्रबंधकों को मुंगेर जिले के तारापुर प्रखंड के मानीकपुर पैक्स में भेजा गया।
इसी तरह पूर्णियां जिले के 25 पैक्स अध्यक्षों को अररिया जिले के कुटाहा पैक्स में, पूर्वी चम्पारण जिले के पैक्सों को पश्चिमी चम्पारण में, तथा भागलपुर जिले के अध्यक्षों को बांका जिले के विकसित पैक्सों में परिभ्रमण हेतु रवाना किया गया। यह कार्यक्रम राज्यव्यापी स्तर पर एक साथ शुरू हुआ है।
नेतृत्व क्षमता और प्रबंधन कौशल में होगा सुधार
इस राज्यव्यापी प्रशिक्षण-सह-अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सहकारी समितियों के अध्यक्षों एवं प्रबंधकों की कार्यकुशलता में गुणात्मक वृद्धि करना है। परिभ्रमण के माध्यम से पैक्स अध्यक्षों एवं प्रबंधकों में नेतृत्व क्षमता, संगठनात्मक दक्षता, वित्तीय प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी।
इसके साथ ही प्रतिभागियों को संप्रेषण कौशल, समसामयिक विधिक प्रावधानों तथा परियोजना प्रबंधन से संबंधित प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा। विकसित पैक्सों में सफलतापूर्वक चल रहे कार्यों को देखकर अन्य समितियां भी अपने यहां उन्हीं तरीकों को लागू कर सकेंगी।





