पटना: बिहार में अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए राजस्व सेवा के अधिकारियों के खिलाफ नीतीश सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। रविवार को पटना में जुटे प्रदर्शनकारी अधिकारियों को सरकार ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि जो भी अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी इस समय-सीमा के अंदर काम पर लौट आएंगे, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब रविवार दोपहर को राजस्व सेवा के अधिकारियों ने पटना में एक जुटान कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इस ऐलान के कुछ ही घंटों बाद सरकार की तरफ से प्रतिक्रिया आई।

मार्च महीने का हवाला देकर सरकार ने चेताया

उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने हड़ताली अधिकारियों को मार्च महीने के महत्व की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि यह महीना राजस्व विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दौरान कई जनहितकारी अभियान चलते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा, राजस्व महा अभियान (जिसके तहत लगभग 46 लाख आवेदनों का निपटारा होना है) और मुख्यमंत्री के निर्देश पर चल रहा ई-मापी अभियान, ये सभी सीधे जनता से जुड़े कार्य हैं।

सरकार का लक्ष्य इन सभी अभियानों को 31 मार्च तक पूरा करना है। विजय सिन्हा ने कहा, “ऐसे में प्रशासनिक कार्यों की गति प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने संवाद और समन्वय का रास्ता चुना है।”

‘दबाव की राजनीति से समाधान संभव नहीं’

डिप्टी सीएम ने हड़ताली अधिकारियों को एक तरह से नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि अंचल कार्यालयों के काम सीधे आम लोगों की जमीन, प्रमाण-पत्र और राजस्व सेवाओं से जुड़े होते हैं, इसलिए साल के आखिरी महीने में इन पर आंशिक प्रभाव भी पड़ना उचित नहीं है।

“दबाव की राजनीति करने से किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है। जनता का काम करके परिणाम देकर हक का कोई भी काम कराया जा सकता है।”- विजय सिन्हा, उपमुख्यमंत्री, बिहार

सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि जो अधिकारी काम पर लौटेंगे, उनकी दोनों हड़ताल अवधियों का समायोजन कर दिया जाएगा। साथ ही, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं से जुड़े मुद्दे, जो सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित हैं, पर भी उदारतापूर्वक विचार किया जाएगा। सरकार के इस अल्टीमेटम के बाद अब सबकी निगाहें राजस्व अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हैं।