बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ और लंबे समय से जुड़े नेता शशि रंजन ने इस्तीफा देकर हलचल मचा दी है। जहानाबाद जिले से ताल्लुक रखने वाले शशि रंजन पार्टी संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। बुधवार (17 सितंबर, 2025) को उन्होंने अपने सभी पदों से इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उनका कहना है कि पार्टी में कुछ नेताओं द्वारा उन्हें सम्मान नहीं दिया जा रहा था। अब वे आगे की राजनीतिक रणनीति अपने समर्थकों से चर्चा के बाद तय करेंगे।


28 साल की लंबी राजनीतिक पारी

शशि रंजन ने बीजेपी के साथ 28 वर्षों तक काम किया। उन्होंने बताया कि पार्टी में रहते हुए उन्हें सबसे कम उम्र का जिलाध्यक्ष बनने का गौरव भी मिला था। लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि पार्टी में उनकी उपेक्षा होने लगी थी। उनका आरोप है कि कुछ नेताओं की वजह से उन्हें मान-सम्मान नहीं मिल रहा था। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने पद और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया। रंजन ने कहा कि इतने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया, लेकिन अब वे अपने भविष्य की राह समर्थकों के साथ मिलकर तय करेंगे।


त्याग पत्र में क्या लिखा?

शशि रंजन ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को संबोधित पत्र में अपने इस्तीफे की जानकारी दी। पत्र में उन्होंने लिखा, “आदरणीय अध्यक्ष जी नमस्कार, मैं शशि रंजन, जहानाबाद भारतीय जनता पार्टी का पूर्व जिलाध्यक्ष, पार्टी के सभी पदों और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। 28 वर्षों तक संगठन के लिए काम किया और जो सम्मान मिला उसके लिए आभारी हूं।” इस्तीफे में उन्होंने अपने विभिन्न पदों का भी उल्लेख किया, जैसे पूर्व जिलाध्यक्ष जहानाबाद, पूर्व लोकसभा प्रभारी महाराजगंज और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य।


शशि रंजन का सियासी सफर

शशि रंजन की गिनती जहानाबाद और अरवल जिले के फायरब्रांड नेताओं में होती रही है। 1995 से 97 तक उन्होंने एबीवीपी के नगर मंत्री का पद संभाला। 1998 में युवा बीजेपी के जिला मंत्री बने और 2000 में जिला महामंत्री का दायित्व मिला। 2003 में उन्हें युवा बीजेपी का जिलाध्यक्ष बनाया गया। 2006 में फिर जिला महामंत्री रहे। लंबे समय तक संगठन में काम करने के बाद 2023 में उन्हें महाराजगंज लोकसभा का प्रभारी भी बनाया गया। वे कभी सुशील मोदी के करीबी माने जाते थे, लेकिन हाल के दिनों में पार्टी में उपेक्षा के चलते असंतोष में थे।