रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को राजधानी रायपुर में एक महत्वपूर्ण योजना का शुभारंभ किया, जिससे राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ को हरी झंडी दिखाई गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को राहत देना है जो विभिन्न कारणों, विशेषकर कोरोना काल की आर्थिक तंगी के चलते अपने बिजली बिलों का भुगतान नहीं कर सके थे।
सरकार के इस कदम से प्रदेश के लगभग 29 लाख उपभोक्ताओं को सीधा फायदा पहुंचेगा। योजना के प्रावधानों के तहत बकाया बिजली बिलों पर भारी छूट दी जाएगी, जो कुछ मामलों में 75 प्रतिशत तक हो सकती है। यह उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है जिन पर हजारों रुपये का बिल बकाया हो गया था।
कैसे मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण प्रक्रिया के बाद वे अपने बकाया बिल पर मिलने वाली छूट की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी उपभोक्ता का बकाया बिल बहुत अधिक है और वह एकमुश्त भुगतान करने में असमर्थ है, तो उसे किस्तों में भुगतान करने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
कोरोना काल के बकायेदारों को बड़ी राहत
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह योजना मुख्य रूप से उन लोगों को लक्षित करती है जो कोरोना महामारी के दौरान वित्तीय संकट से जूझ रहे थे। उस अवधि में लॉकडाउन और आर्थिक गतिविधियों के ठप होने से कई लोग समय पर अपने बिजली बिल नहीं भर पाए, जिससे उनका बकाया लगातार बढ़ता गया। सरकार ने इस मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए यह समाधान योजना तैयार की है।
यह योजना 29 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी, जिससे उपभोक्ताओं को अपने बकाया बिलों का निपटान करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





