बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों के साथ-साथ वरिष्ठ नेताओं को भी प्रचार में लगाया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बिहार में ताबड़तोड़ रैलियां करेंगे। दोनों नेता एनडीए के उम्मीदवारों के समर्थन में जनता को वोट देने की अपील करेंगे। चुनावी माहौल में अब हर जिले में प्रचार-प्रसार का सिलसिला चल पड़ा है, जिससे जनता और समर्थक दोनों ही उत्साहित नजर आ रहे हैं।
पीएम मोदी 24 अक्टूबर से चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे
प्रधानमंत्री मोदी का चुनावी कार्यक्रम शेड्यूल सामने आ गया है। 24 अक्टूबर को वे समस्तीपुर के कर्पूरी ग्राम में भारत रत्न और जननायक कर्पूरी ठाकुर के घर श्रद्धांजलि देने जाएंगे। इसके बाद पीएम मोदी समस्तीपुर और बेगूसराय में विशाल जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इसके अतिरिक्त 30 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर और छपरा में चुनावी सभाओं की योजना है। पीएम मोदी के बिहार दौरे में 2, 3, 6 और 7 नवंबर को भी कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरे से एनडीए उम्मीदवारों को मजबूत समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अमित शाह की रैलियां 24-25 अक्टूबर को
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 23 अक्टूबर को बिहार पहुंचेंगे। 24 अक्टूबर को वे सीवान और बक्सर में जनता को संबोधित करेंगे। अगले दिन, 25 अक्टूबर को नालंदा, मुंगेर और खगड़िया में रैलियां आयोजित होंगी। अमित शाह और पीएम मोदी दोनों ही नेताओं का उद्देश्य एनडीए के पक्ष में मतदान करने के लिए जनता को प्रेरित करना है। उनके दौरे से क्षेत्रीय सहयोगी दलों के उम्मीदवारों को भी शक्ति मिलने की उम्मीद है, और चुनावी प्रचार में नई ऊर्जा का संचार होगा।
चुनाव की रणनीति और तारीखें
बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 6 नवंबर और दूसरे चरण में 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 14 नवंबर को होगी। एनडीए के सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो गया है, जबकि इंडिया महागठबंधन के सहयोगी दलों में अभी तक सीट बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बनी है। कुछ घटक दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए हैं। ऐसे में पीएम मोदी और अमित शाह की रैलियों को एनडीए के लिए निर्णायक माना जा रहा है।





