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बिहार को मिली पहली बुलेट ट्रेन की सौगात, वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक दौड़ेगी हाई-स्पीड ट्रेन

Written by:Shyam Dwivedi
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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की घोषणा की है। यह ट्रेन वाराणसी से पटना के रास्ते सिलीगुड़ी तक जाएगी, जिससे 18 घंटे का सफर महज 3 घंटे में पूरा हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार द्वारा घोषित सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का हिस्सा है।
बिहार को मिली पहली बुलेट ट्रेन की सौगात, वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक दौड़ेगी हाई-स्पीड ट्रेन

नई दिल्ली: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए राज्य की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को हरी झंडी दे दी है। यह हाई-स्पीड ट्रेन वाराणसी से शुरू होकर पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगी। इस परियोजना को बिहार के आर्थिक विकास के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ माना जा रहा है।

यह घोषणा केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तावित सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के ऐलान के बाद हुई है। रेल मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इन सात कॉरिडोर के निर्माण पर लगभग 16 लाख करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा। इसका उद्देश्य देश के प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करना है।

सिर्फ 3 घंटे में वाराणसी से सिलीगुड़ी

इस नए कॉरिडोर के बनने से यात्रा के समय में अभूतपूर्व कमी आएगी। वर्तमान में वाराणसी से सिलीगुड़ी तक ट्रेन से सफर करने में 14 से 18 घंटे लगते हैं। बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद यह दूरी महज 2 घंटे 55 मिनट में तय की जा सकेगी। इस ट्रेन की रफ्तार 300 से 350 किलोमीटर प्रति घंटा तक होने की उम्मीद है।

रेल मंत्री के अनुसार, यह कॉरिडोर बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों जैसे बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज से होकर गुजरेगा। पटना में एक प्रमुख स्टेशन बनाया जाएगा, जहां ट्रेन का ठहराव होगा। इससे राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा।

पूरे पूर्वी भारत को मिलेगा फायदा

यह परियोजना सिर्फ बिहार तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह एक वृहद इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण करेगी। दिल्ली से वाराणसी तक का सफर भी घटकर केवल 3 घंटे 50 मिनट का रह जाएगा। इस तरह यह कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को सीधे तौर पर जोड़ेगा।

चूंकि सिलीगुड़ी को पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार माना जाता है, इसलिए इस ट्रेन के चलने से पूरे नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र के विकास को भी रफ्तार मिलेगी।

ये हैं सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

सरकार ने देश भर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कुल सात नए कॉरिडोर की पहचान की है। वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर इन्हीं में से एक है। अन्य प्रस्तावित कॉरिडोर इस प्रकार हैं:

1. मुंबई – पुणे
2. पुणे – हैदराबाद
3. हैदराबाद – बेंगलुरु
4. हैदराबाद – चेन्नई
5. चेन्नई – बेंगलुरु
6. दिल्ली – वाराणसी
7. वाराणसी – सिलीगुड़ी (पटना के रास्ते)

रेल मंत्री ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से न केवल देश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि आम लोगों का जीवन भी सुगम होगा और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।