बिहार में जब से नई सरकार का गठन हुआ है तब से राज्य सरकार कई बड़े फैसले ले रही है। राज्य की नीतीश कुमार की सरकार अब शिक्षा व्यवस्था पर फोकस कर रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने एक ऐसी योजना को हरी झंडी दे दी है, जिसके बाद राज्य के 789 सरकारी स्कूलों का चेहरा पूरी तरह बदल जाएगा।
इस योजना के तहत इन स्कूलों के छठी से 12वीं तक के छात्रों को आधुनिक शिक्षा, कौशल, नवाचार और तकनीकी साक्षरता से लैस किया जाएगा। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में हरी झंडी मिल गई। बैठक में इस योजना के लिए 1485.85 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार में 5,277 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब स्थापित की जाएगी, जबकि 6,113 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का निर्माण फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद है। नए शैक्षणिक सत्र से इन स्मार्ट क्लास में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इतना ही नहीं स्कूलों में बच्चों को खेल एवं अन्य क्षेत्रों के लिए भी जागरूक किया जाएगा। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और कौशल आधारित शिक्षा दी जाएगी।
स्कूलों में बनेगी हाईटेक क्लासें
स्कूलों में हाई-टेक स्मार्ट क्लास, एडवांस्ड लैब और मॉडर्न लाइब्रेरी का जाल बिछाया जाएगा। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहाँ केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं बदलेगा, बल्कि शिक्षा को कौशल आधारित बनाया जा रहा है।
अब हाईटेक बनेंगे बिहार के सरकारी स्कूल…
प्रदेश के 789 विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक आधुनिक, तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा व्यवस्था के लिए ₹1485 करोड़ का निवेश करेगी नीतीश सरकार।@NitishKumar#Bihar #NitishKumar#JDU #JanataDalUnited pic.twitter.com/3ecnksVAR8— Janata Dal (United) (@Jduonline) January 15, 2026





