मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी स्थित केसरिया थाना क्षेत्र के लोहरगांवां गांव में मंगलवार को एक ऐसी दर्दनाक घटना घटी जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक तालाब में डूबने से एक ही पड़ोस के छह मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का सन्नाटा पसर गया है और पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से सभी बच्चों के शवों को पानी से बाहर निकाला। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, लोहरगांवां गांव के मलाहटोली वार्ड नंबर 4 के रहने वाले छह बच्चे मंगलवार दिन में अपने-अपने परिजनों को खेत में खाना देने गए थे। खेत नदी के किनारे स्थित थे। परिजनों को खाना देने के बाद सभी बच्चे लौटते समय पास में ही स्थित एक चंवर के तालाब में नहाने के लिए उतर गए।
ग्रामीणों का अनुमान है कि नहाने के दौरान कोई बच्चा गहरे पानी में चला गया होगा और उसे बचाने के चक्कर में एक-एक कर सभी बच्चे डूब गए। जब काफी देर तक बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की।
खोजबीन के बाद मिला शवों का ढेर
घंटों तक जब बच्चों का कुछ पता नहीं चला तो चिंतित परिजन और ग्रामीण आसपास के तालाबों और गड्ढों में उन्हें तलाशने लगे। इसी दौरान एक तालाब में बच्चों के शव तैरते हुए दिखाई दिए। यह भयावह दृश्य देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
लोगों ने तुरंत सभी बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सभी छह बच्चों ने दम तोड़ दिया था। मृतकों में मनोज साहनी के एक पुत्र और एक पुत्री, रामलाल साहनी की तीन पोतियां और रावण सहनी की एक पुत्री शामिल हैं।
पुलिस जांच में जुटी, गांव में शोक की लहर
एक साथ छह बच्चों की मौत की खबर ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही केसरिया थानाध्यक्ष राहुल कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इस भीषण हादसे ने न केवल लोहरगांवा गांव बल्कि पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।





