बिहार के आरा में रविवार सुबह करीब 4 बजे महानंदा एक्सप्रेस के डिरेल होने से रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। दरअसल घटना पंडित दीनदयाल उपाध्याय-दानापुर रेलखंड पर हुई। ट्रेन के इंजन के साथ SLR और H-1 कोच के पटरी से उतरने की जानकारी सामने आई है। हालांकि रेलवे की ओर से बताया गया कि एक बोगी का एक पहिया पटरी से उतरा था। हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटना सुबह करीब 4:12 बजे की बताई गई है जब महानंदा एक्सप्रेस आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची थी। यहां से ट्रेन को दिल्ली की ओर रवाना होना था। इसी दौरान परिचालन में गड़बड़ी के चलते ट्रेन का सिग्नल सासाराम लाइन की तरफ चला गया। ट्रेन आगे बढ़ी और स्टेशन से करीब 200 मीटर की दूरी पर अप लाइन में डिरेल हो गई। इसके बाद रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव का काम शुरू किया।
स्टेशन मैनेजर ने बताई पूरी घटना
वहीं हादसे के बाद आरा स्टेशन के मैनेजर एनके राय को सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड होने के बाद उन्होंने बताया कि सुबह 4 बजकर 20 मिनट पर उन्हें ट्रेन के डिरेल होने की सूचना मिली थी। इसके करीब 10 मिनट बाद वह घटनास्थल पर पहुंच गए। उनके मुताबिक मौके पर SLR और H-1 बोगी डिरेल मिलीं और दोनों बोगियों के दो-दो पहिए पटरी से उतर गए थे।
एनके राय ने बताया कि घटना की जानकारी अधिकारियों को दी गई। इसके बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों को अनाउंसमेंट के जरिए प्लेटफॉर्म नंबर चार पर बैठाया गया। रेलवे की प्रक्रिया के तहत दूसरे इंजन की मदद से डिरेल हुई बोगियों को छोड़कर ट्रेन को रिवर्स कराया गया और दूसरी तरफ लाया गया। इसके बाद प्लेटफॉर्म नंबर चार पर मौजूद यात्रियों को दोबारा ट्रेन में बैठाया गया और ट्रेन को आगे रवाना किया गया।
स्टेशन मैनेजर ने क्या कहा?
स्टेशन मैनेजर ने हादसे की वजह गलत सिग्नल मिलना बताया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लापरवाही किसकी थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। सस्पेंड किए जाने के बाद एनके राय ने कहा कि उनकी ओर से कोई गलती नहीं हुई और उन्होंने अपने कर्तव्य के अनुसार मौके पर पहुंचकर काम किया। उन्होंने अपनी नजर में लापरवाही ड्राइवर की बताई।
कई ट्रेनें हुईं लेट
वहीं महानंदा एक्सप्रेस के डिरेल होने के बाद रेलवे कर्मचारियों ने पटरी से उतरी बोगियों को दोबारा ट्रैक पर लाने का काम शुरू किया। करीब तीन घंटे की कार्रवाई के बाद डिरेल बोगियों को ट्रैक पर चढ़ाया गया। रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक और सिग्नल सिस्टम की जांच शुरू की। हादसे के करीब साढ़े तीन घंटे बाद महानंदा एक्सप्रेस को रवाना किया गया जबकि डिरेल हुई बोगियों की मरम्मत का काम जारी रहा। हादसे का असर दिल्ली-हावड़ा रूट पर भी पड़ा। वंदे भारत, विभूति एक्सप्रेस, गांधीधाम, कैप्टल एक्सप्रेस, इंटरसिटी, गरीब रथ, पैसेंजर और उधना एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के लेट होने की जानकारी सामने आई। सुबह के समय हुई घटना के कारण यात्रियों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।






