बिहार कांग्रेस द्वारा जारी एक एआई-जनरेटेड वीडियो को लेकर विवाद गहराता चला गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां हीराबेन को दिखाया गया था. इस वीडियो में उन्हें पीएम मोदी के सपने में बात करते हुए दिखाया गया था. मामला अदालत पहुंचने के बाद बुधवार को पटना हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. अदालत ने कांग्रेस को आदेश दिया है कि इस वीडियो को तत्काल सोशल मीडिया से हटाया जाए. कोर्ट का कहना है कि इस तरह की सामग्री से न सिर्फ राजनीति में विवाद बढ़ता है, बल्कि यह नैतिकता और संवेदनाओं से भी जुड़ा मामला है.
बीजेपी ने कांग्रेस को दिया करारा संदेश
पटना हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद बीजेपी ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर निशाना साधा. बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि अदालत का फैसला पूरी तरह से सही है और कांग्रेस को अब इससे सबक लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजनीति में असहमति होना एक अलग बात है, लेकिन किसी की मां को विवादों में लाना बेहद गलत है. बीजेपी ने कांग्रेस से मांग की है कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न दोहराई जाए. उनका कहना है कि यह मामला जनता की भावनाओं से भी जुड़ा है और कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए.
आरजेडी ने दिया कोर्ट के फैसले का समर्थन
वहीं इस पूरे विवाद पर आरजेडी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि पटना हाईकोर्ट का फैसला बिल्कुल उचित है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहले ही वीडियो को हटा दिया है और स्पष्ट कर दिया था कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था. तिवारी ने कहा कि मां का स्थान हमेशा पूजनीय होता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां भी हमारे लिए उतनी ही आदरणीय हैं. उन्होंने सभी दलों से अपील की कि राजनीति में ऐसे मुद्दों को उठाने से बचना चाहिए जो सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को ठेस पहुंचाते हों.
क्या था एआई वीडियो विवाद?
दरअसल 10 सितंबर को बिहार कांग्रेस ने एक एआई वीडियो जारी किया था. इसमें दावा किया गया था कि पीएम मोदी की दिवंगत मां हीराबेन उनके सपने में आईं और उनसे नोटबंदी, बिहार की राजनीति और कई अन्य मुद्दों पर बात करती दिखीं. सोशल मीडिया पर “मां साहब के सपनों में आईं” कैप्शन के साथ यह वीडियो पोस्ट किया गया. बीजेपी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे पीएम मोदी की मां का अपमान बताया. विवाद बढ़ने पर अब पटना हाईकोर्ट ने कांग्रेस को आदेश दिया है कि वीडियो को पूरी तरह से हटा दिया जाए, ताकि आगे कोई विवाद न बढ़े.





