सीवान में राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। लोजपा नेता और चिराग पासवान के करीबी रईस खान के घर पुलिस की अचानक छापेमारी ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। स्थानीय लोग और राजनीतिक दल इस कार्रवाई की वजह जानने के लिए उत्सुक हैं। भारी पुलिस बल के बीच रईस खान के घर का माहौल कुछ घंटों के लिए तनावपूर्ण हो गया। इस छापेमारी के राजनीतिक और कानूनी निहितार्थ अभी भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।
भारी संख्या में पुलिस फोर्स
रईस खान के सिसवन थाना क्षेत्र स्थित ग्यासपुर गांव में पुलिस ने सुबह करीब 9 बजे पहुंचकर छापेमारी शुरू की। लगभग दो घंटे तक चली इस तलाशी में घर के हर कोने की जांच की गई। पुलिस बल की भारी तादाद ने गांव में सनसनी फैला दी। इस दौरान रईस खान की गिरफ्तारी की खबर भी आई, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई। सिसवन थानाध्यक्ष से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। स्थानीय लोग इस कार्रवाई को लेकर काफी उत्सुक और चिंतित नजर आए।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और संबंध
रईस खान और उनके भाई अयूब खान लोजपा नेता चिराग पासवान के करीबी माने जाते हैं। कुछ महीने पहले ही दोनों ने लोजपा में शामिल होकर पार्टी में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की थी। रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से रईस खान लोजपा के प्रत्याशी हैं, वहीं आरजेडी से ओसामा शहाब चुनावी मैदान में हैं। पुलिस की यह कार्रवाई राजनीतिक हलचल बढ़ाने के साथ-साथ चुनावी तनाव को भी बढ़ा सकती है। ग्यासपुर और आसपास के इलाके में लोग इस घटना के राजनीतिक निहितार्थों पर चर्चा कर रहे हैं।
सीवान की राजनीति पर असर
एमएलसी चुनाव के दौरान रईस खान पर पहले भी गोलीबारी की घटना हो चुकी है। उस मामले में ओसामा शहाब नामजद अभियुक्त थे। दोनों गुटों के बीच पुराना विवाद है और आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी रहते हैं। सीवान की राजनीति में रईस खान का खासा प्रभाव है। इस छापेमारी के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस क्या निष्कर्ष देती है और इसका आगामी चुनावी रणनीतियों पर क्या असर पड़ता है। स्थानीय और राजनीतिक लोग इस मामले की अगली खबरों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।





