लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एवं उनकी बहन रोहिणी आचार्य का पहला बयान सामने आया है। दोनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार को तानाशाही बताया है। इतना ही नहीं आरोप लगाया कि सरकार प्रशासन और पुलिस बल का दुरूपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को डराने और जन आंदोलनों के प्रभाव को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
तेजस्वी यादव ने इस मामले में बयान देते हुए कहा कि हमारे कई विधायकों को उठाया गया है। हमारे भाई तेज प्रताप को भी गिरफ्तार किया गया है। हम सरकार को चुनौती देना चाहते हैं कि सोमवार तक सभी लोगों के विरुद्ध दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए और उन्हें रिहा किया जाए। अगर सरकार रिहा नहीं करती है तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे।
रोहिणी आचार्य का सम्राट चौधरी पर तीखा हमला
वहीं तेजस्वी यादव के बाद उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। रोहिणी आचार्य ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी सम्राट सरकार की तानाशाही दिखा रही है। बिहार के मुख्यमंत्री से पूछता है बिहार, क्या शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की मांग के साथ जारी छात्रों-युवाओं के आंदोलन, प्रदर्शन को समर्थन देना अपराध है?
रोहिणी आचार्य ने आगे कहा कि सम्राट सरकार की पुलिस द्वारा तेज प्रताप यादव को तथ्यहीन और झूठे आरोपों के आधार पर गिरफ्तार किया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि छात्रों, युवाओं और आम जनता की समस्याओं को लेकर आवाज उठाना हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार और दायित्व है। तेज प्रताप यादव ने भी अपने इसी अधिकार और दायित्व का निर्वहन किया, लेकिन सरकार ने बदले की भावना से उनकी गिरफ्तारी कराई है।
तेज प्रताप की गिरफ्तारी पर रोहिणी आचार्य का आरोप
उन्होंने आगे कहा, विरोध प्रदर्शन के लिए गिरफ्तार किया जाना स्पष्ट तौर पर सरकार के खिलाफ उभरे असंतोष को दबाने की दमनात्मक तानाशाही कार्रवाई का हिस्सा है और सम्राट सरकार प्रशासन एवं पुलिस बल का दुरूपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को डराने और जन आंदोलनों के प्रभाव को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। रोहिणी आचार्य ने सीएम सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा, ये कैसा न्याय है, ये कैसा चलन है, ये कैसी रीत है, जिसमें सात खून का आरोपी मुख्यमंत्री बन जाता है और देश के युवा भविष्य के लिए आवाज उठानेवाले, संघर्ष करने वाले बेगुनाह को झूठे आरोपों में फंसा कर जेल भेज दिया जाता है?
14 दिन की न्यायिक हिरासत में तेज प्रताप यादव
तेज प्रताप यादव को नीट पेपर लीक मामले के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के सिलसिले में शनिवार (25 जुलाई) की रात गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद उन्हें पटना की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी सामने आई। इसमें तेज प्रताप यादव पर पुलिस पर हमले का नेतृत्व करने का आरोप है।
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी सम्राट सरकार की तानाशाही ..
बिहार के मुख्यमंत्री से पूछता है बिहार.. क्या शिक्षा – व्यवस्था को सुधारने की मांग के साथ जारी छात्रों – युवाओं के आंदोलन , प्रदर्शन को समर्थन देना अपराध है ?
सम्राट सरकार की पुलिस के द्वारा तथ्यहीन व् झूठे आरोपों में… pic.twitter.com/PykiaOMvPg
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) July 26, 2026





