बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी पारा हाई हो गया है। एक तरफ भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदला तो दूसरी तरफ विपक्ष को एक नया मुद्दा मिल गया। भाजपा ने पहले बांकीपुर उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया था लेकिन अभिषेक कुमार ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपना नाम वापस ले लिया। वहीं, भाजपा ने शुक्रवार को नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार घोषित कर दिया। जिसके बाद राज्य की राजनीतिक में बयानबाजी तेज हो गई है।
जनसुराज पार्टी ने अभिषेक कुमार के नाम वापस लेने पर भाजपा को घेरा है। जनसुराज ने आरोप लगाया कि उम्मीदवार के पिता उन 75 लोगों में शामिल थे जिन्हें आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के साथ चारा घोटाले के मामले में दोषी ठहराया गया था। सीबीआई की वेबसाइट ने भी इसकी पुष्टि की। 15 फरवरी 2022 को जारी सीबीआई की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था कि सीबीआई ने 75 लोगों को दोषी ठहराया था, जिनमें रवींद्र प्रसाद और लालू यादव सहित कई लोग शामिल थे। हालांकि जनसुराज के इस आरोप पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आरजेडी का भाजपा पर तीखा हमला
जनसुराज के बाद अब आरजेडी ने भी अब भाजपा पर तीखा हमला बोला है। आरजेडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है। जिसमें लिखा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत बूथ अध्यक्ष जितनी भी नहीं बची है। बेचारे नितिन नबीन के बखरी से उम्मीदवार को नामांकन के बाद दरकिनार करके एक डमी उम्मीदवार से बदल दिया गया है।
आरजेडी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब भाजपा अभिषेक कुमार के माता-पिता का नाम चारा घोटाला मामले से जोड़ रही है। पार्टी ने कहा, यदि यही भाजपा का तर्क है, तो चारा घोटाले के प्रमुख आरोपियों में रहे पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र नीतीश मिश्रा आज एनडीए सरकार में दो विभागों के मंत्री हैं।
आरजेडी ने भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप
आरजेडी ने आगे आरोप लगाया कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भ्रष्टाचार, शिक्षा से जुड़े फर्जीवाड़े और आपराधिक मामलों के आरोप रहे हैं। पार्टी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का भी उल्लेख करते हुए भाजपा पर राजनीतिक नैतिकता के मुद्दे पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
पार्टी ने दावा किया कि एनडीए के सहयोगी दलों और बिहार भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि दिल्ली नेतृत्व ने जानबूझकर कमजोर उम्मीदवार उतारा है, जिससे जनसुराज पार्टी को लाभ मिल सके। आरजेडी ने दावा किया कि इन परिस्थितियों में उसकी जीत तय है।
बांकीपुर सीट पर त्रिकोणिय मुकाबला
बता दें कि नितिन नबीन के राज्यसभा निर्वाचित होने के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव घोषित हुआ। इस सीट पर आरजेडी ने रेखा देवी को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी इसी सीट से चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना प्रत्याशी बनाया है। भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा, राजद की रेखा देवी और जनसुराज के प्रशांत किशोर के मैदान में होने से बांकीपुर विधानसभा सीट पर मुकाबला बेहद रोचक और त्रिकोणीय होने की संभावना है। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष की औक़ात बूथ अध्यक्ष जितनी भी नहीं है। बेचारे नितिन नवीन के बांकीपुर के कैंडिडेट को नामांकन के बाद हटाकर एक डम्मी प्रत्याशी दिया गया है।
बीजेपी अब कह रही है कि उसके माता-पिता के चारा घोटाले में सम्मिलित होने की ख़बर थी। अरे मूर्खों, चारा घोटाले के जनक…
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) July 11, 2026





