बिहार की सियासत में शुक्रवार को नई चर्चा शुरू हो गई। दरअसल तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लिखा कि बिहार में जल्द सरकार बदलने वाली है और दावा किया कि नीतीश कुमार ने “सम्राट” कहकर मुख्यमंत्री को फटकार लगाई है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही ऐसी भविष्यवाणी की थी। फिलहाल इस दावे की किसी सरकारी या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
दरअसल तेज प्रताप यादव का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब राज्य में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इसी दिन एनडीए की अहम बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें विकास कार्यों, सरकार की योजनाओं और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान ही बीजेपी प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा द्वारा नामांकन वापस लेने की खबर सामने आई, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया। हालांकि बीजेपी ने बाद में नए उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है।
एनडीए की बैठक बनी चर्चा का केंद्र
वहीं बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर एनडीए ने अपनी रणनीति पर चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की, जिसमें सहयोगी दलों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। बैठक में राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने, विकास कार्यों में तेजी लाने और संगठनात्मक मुद्दों पर बातचीत हुई। हालांकि इसी बीच बीजेपी के पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक सिन्हा ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद पार्टी ने नए उम्मीदवार के तौर पर नीरज कुमार को मैदान में उतारने का फैसला किया।
बिहार में बहुत जल्दी सरकार गिरने वाली है, और नीतीश कुमार ने सम्राट कहकर मुख्यमंत्री को फटकार लगाया है. ये मैंने आपको कहा था, भविष्यवाणी किया था. और मैं वृंदावन में हूँ, बहुत जल्दी बिहार में जो सरकार है, बदल जाएगी. pic.twitter.com/JCDB8UowP6
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) July 10, 2026
तेज प्रताप यादव के दावे में कितना है सच?
दरअसल तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर दावा करते हुए कहा है कि “बिहार में बहुत जल्दी सरकार गिरने वाली है, और नीतीश कुमार ने सम्राट कहकर मुख्यमंत्री को फटकार लगाया है. ये मैंने आपको कहा था, भविष्यवाणी किया था. और मैं वृंदावन में हूँ, बहुत जल्दी बिहार में जो सरकार है, बदल जाएगी।” तेज प्रताप यादव की ओर से किए गए इस दावे ने राजनीतिक बहस जरूर छेड़ दी है लेकिन अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है जिससे यह कहा जा सके कि बिहार सरकार पर कोई तत्काल संकट है।






