बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को राज्य के 16 लाख घरेलू उपभोक्ताओं से ऑनलाइन संवाद कार्यक्रम के माध्यम से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने नालंदा की लीला कुमारी, सुपौल की कोमल कुमारी और गयाजी जिले की नूर जहां खातून से बात की और उनकी प्रतिक्रियाएं जानीं। मुख्यमंत्री ने हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की पहल पर उपभोक्ताओं की संतुष्टि को जानने के लिए यह संवाद आयोजित किया। इस संवाद में बड़ी संख्या में लोग जुड़कर सरकार की इस योजना की सराहना कर रहे हैं।
मुफ्त बिजली से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आया बदलाव
लीला कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के फैसले से उन्हें 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिल रही है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामों में मदद मिली है। वहीं, गयाजी की नूर जहां खातून ने बताया कि पिछले माह उनका बिजली बिल बिल्कुल जीरो आया है, जिससे वे 400-500 रुपये बचा सकीं। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे बच्चों की शिक्षा पर खर्च बढ़ेगा। सुपौल की कोमल कुमारी ने भी 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और बताया कि बचाए गए पैसे को वह अपनी बेटी के खाते में जमा करेंगी।
नीतीश कुमार ने बिजली सुधार की लंबी कहानी साझा की
मुफ्त बिजली योजना पर बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 से पहले बिहार में बिजली की बहुत खराब स्थिति थी, राजधानी पटना में भी बिजली कई घंटों तक नहीं आती थी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद ऊर्जा विभाग का बजट बढ़ाकर राज्य के सभी गांवों और टोलों तक बिजली पहुंचाने का काम शुरू किया। उन्होंने कहा कि बिजली खरीदने में सरकार को भारी खर्च करना पड़ता है, लेकिन वे उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराते रहे हैं। अब जुलाई माह से राज्य के लगभग सभी घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा रही है।
सबसिडी पर सम्राट चौधरी ने बताया बिहार का अलगफरक मॉडल
इस मौके पर सम्राट चौधरी ने कहा कि अन्य राज्यों में 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलने के बाद अगर 126 यूनिट भी आती है तो पूरा बिल देना होता है, लेकिन बिहार में मुख्यमंत्री ने 100 प्रतिशत सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी बिजली बिलों में सरकार सब्सिडी देती रहेगी। यह बात बिजली उपभोक्ताओं के हित में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है।




