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छात्रों की स्कॉलरशिप दोगुनी, सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया पर सख्ती, बिहार कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मुहर

Written by:Shyam Dwivedi
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नीतीश सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए। अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि दोगुनी कर दी गई है। इसके साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्त नियम लागू किए गए हैं और कई नई योजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
छात्रों की स्कॉलरशिप दोगुनी, सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया पर सख्ती, बिहार कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मुहर

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में छात्रों, सरकारी कर्मचारियों और राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। सबसे बड़े फैसलों में अनुसूचित जाति/जनजाति के लगभग 27 लाख छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि को दोगुना करना और सरकारी सेवकों के लिए सोशल मीडिया उपयोग को लेकर एक नई आचार संहिता लागू करना शामिल है।

कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से छात्रवृत्ति की बढ़ी हुई राशि को मंजूरी दी है, जिससे सरकारी खजाने पर करीब 519.64 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। यह राशि आखिरी बार 2011 में तय की गई थी। इसके अलावा, राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 1700 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को भी स्वीकृति दी गई है।

छात्रों के लिए दोगुनी हुई स्कॉलरशिप

सरकार ने प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत SC/ST वर्ग के छात्रों को मिलने वाली राशि में भारी बढ़ोतरी की है। इस फैसले से सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 27 लाख छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे।

नई दरों के अनुसार:

  • कक्षा 1 से 4: ₹1200 सालाना
  • कक्षा 5 से 6: ₹2400 सालाना
  • कक्षा 7 से 10: ₹3600 सालाना
  • छात्रावासी छात्र (कक्षा 1-10): ₹6000 सालाना

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना के तहत मासिक राशि को 100 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया पर सख्ती

कैबिनेट ने बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 में संशोधन करते हुए सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स के उपयोग के लिए कड़े नियम बनाए हैं। अब किसी भी सरकारी कर्मचारी या पदाधिकारी को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।

नई गाइडलाइंस के मुताबिक, कोई भी सरकारी सेवक सरकारी नीतियों, सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के आदेशों पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं कर सकेगा। कार्यस्थल से जुड़े वीडियो या रील बनाने और किसी भी प्रकार की चैट को लाइव करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

अन्य प्रमुख फैसले

बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई, जिनमें शामिल हैं:

  • संगीत महाविद्यालय: बक्सर के डुमरांव में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां के नाम पर संगीत महाविद्यालय की स्थापना के लिए 87.81 करोड़ रुपये की नई प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
  • पुलिस बल का सुदृढ़ीकरण: स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (SAP) के जवानों का मानदेय बढ़ाया गया। साथ ही, 2026-27 में सेना व अर्धसैनिक बलों के 17,000 सेवानिवृत्त जवानों को अनुबंध पर रखने की मंजूरी दी गई।
  • नई दिल्ली में बिहार निवास: नई दिल्ली स्थित बिहार निवास के पुनर्विकास के लिए 148 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
  • सेमीकंडक्टर पॉलिसी: राज्य के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’ को लागू करने का निर्णय लिया गया।
  • पदों का सृजन: भू-राजस्व विवादों के निपटारे के लिए भूमि सुधार उपसमाहर्ता के 101 पद, सिविल विमानन विभाग में 99 पद और शिक्षा विभाग में 161 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली।
  • अन्य योजनाएं: पटना चिड़ियाघर में टॉय ट्रेन का परिचालन फिर से शुरू होगा। राज्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ‘बिहार इको टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी-2026’ के गठन को भी स्वीकृति दी गई।