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बिहार के किसानों के लिए जरूरी खबर, फार्मर आईडी बनाने की तारीख बढ़ी, हर पंचायत में लग रहे शिविर

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से फार्मर आईडी बनाने की तारीख बढ़ा दी गई है। पहले अंतिम तारीख 9 जनवरी थी जिसे बढ़ाकर अब 10 जनवरी 2026 कर दिया गया है। इसकी जानकारी शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दी।
बिहार के किसानों के लिए जरूरी खबर, फार्मर आईडी बनाने की तारीख बढ़ी, हर पंचायत में लग रहे शिविर

बिहार के किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की सरकारी योजना का लाभ पाने के लिए किसान पहचान पत्र यानी फार्मर आईडी (Farmar ID) बनवाना जरूरी है। अभी भी लाखों किसान ऐसे हैं जिन्होंने अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाई है। इस बीच, राज्य सरकार ने किसानों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से फार्मर आईडी बनाने की तारीख बढ़ा दी गई है। पहले अंतिम तारीख 9 जनवरी थी जिसे बढ़ाकर अब 10 जनवरी 2026 कर दिया गया है। इसकी जानकारी शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दी।

फार्मर आईडी की बढ़ी तारीख के चलते अब बिहार के किसानों को एक दिन ज्यादा मिल गया है। इस बीच, राज्य सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के किसानों से अपील की है कि वे फार्मर आईडी निबंधन की प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा कर लें।

पीएम किसान योजना के लाभ के लिए जरूरी फार्मर आईडी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पीएम-किसान योजना की 22वीं किस्त मार्च-अप्रैल 2026 में किसानों के खातों में आने की संभावना है। वहीं बिहार में करीब 75 लाख पीएम किसान योजना का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से स्पष्ट किया जा चुका है कि जिन किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं होगा, उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि समेत अन्य सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिलेगा।

बिहार के लाखों किसानों ने नहीं बनवाई फार्मर आईडी

बता दें कि बिहार सरकार की ओर से फार्मर आईडी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। राज्य की प्रत्येक पंचायत में शिविर लगाकर किसानों की आईडी बनाई जा रही है। इन शिविरों का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को फार्मर आईडी से जोड़ना और उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध कराना है। सूत्रों के अनुसार, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी तक राज्य के करीब 71 लाख किसानों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है।

सरकार ने किसानों से की अपील

सरकार की ओर से शिविर में निबंधन कराने के लिए किसानों से अपील की गई है कि वे आवश्यक दस्तावेज अपने साथ अवश्य लाएं। इनमें आधार कार्ड, सक्रिय मोबाइल नंबर और लगान रसीद प्रमुख रूप से शामिल हैं। निबंधन की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है और इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। यदि किसी किसान को किसी तरह की समस्या आती है तो मौके पर मौजूद कर्मियों से सहायता ली जा सकती है।

सरकार की ओर से किसानों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे। अगर रजिस्ट्रेशन या ई-केवाईसी के दौरान किसी तरह की दिक्कत आती है, तो किसान जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल या प्रखंड कृषि पदाधिकारी से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं-कृषि विभाग के लिए 18001801551 और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के लिए 18003456215।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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