लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त उन लोगों को बचा रहे हैं, जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है. राहुल गांधी ने बताया कि कर्नाटक की सीआईडी ने 18 महीनों में 18 पत्र चुनाव आयोग को भेजे हैं, जिनमें कुछ बुनियादी तथ्यों की जानकारी मांगी गई थी, लेकिन आयोग ने अब तक इसका जवाब नहीं दिया. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करती है.
एनडीए नेताओं का पलटवार
बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और अदालत ने इस पर अपनी टिप्पणी भी दे दी है. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस जीतती है, तो चुनाव आयोग सही लगता है और जब हारती है, तो आयोग पर सवाल उठाती है. चौधरी ने कहा कि 1977 के बाद से कांग्रेस लगातार कमजोर हुई है और अब राहुल गांधी झूठा भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि राहुल गांधी बिहार दौरे पर गए थे, लेकिन उनकी यात्रा का कोई असर जनता पर नहीं पड़ा और लोग अब भी एनडीए और नीतीश कुमार के साथ हैं.
बीजेपी का तीखा हमला
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे न तो संविधान समझते हैं और न ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को चुनाव में जनता वोट नहीं देती, इसका गुस्सा वे चुनाव आयोग पर उतारते हैं. रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार बदजुबानी करते हैं और प्रधानमंत्री से लेकर विपक्ष तक सभी पर बेबुनियाद आरोप लगाते हैं, इसलिए देश की जनता उन्हें स्वीकार नहीं कर रही है.
आरजेडी ने राहुल का समर्थन किया
वहीं आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने राहुल गांधी का समर्थन किया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने SIR को लेकर कड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि अगर एक भी गड़बड़ी साबित हो गई तो पूरी प्रक्रिया रद्द हो सकती है. आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी कहा कि राहुल गांधी गंभीर सवाल उठा रहे हैं और लोकतंत्र में वोट चोरी जैसे मुद्दे उठना जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारों से देश गूंज रहा है और चुनाव आयोग को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सफाई देनी चाहिए.





