सरकारी कर्मचारियों के लिए काम की खबर, अब छुट्टी के लिए इस पोर्टल और एप से करना होगा ऑनलाइन आवेदन, जानें डिटेल्स

बिहार में सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अब ऑफलाइन आवेदन देकर छुट्टी नहीं ले सकेंगे। 1 जुलाई से सरकार ने सभी प्रकार के अवकाश के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अनिवार्य कर दी है।
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बिहार सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अवकाश (छुट्टी) लेने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकारी अधिकारी और कर्मचारी किसी भी छुट्टी के लिए ऑफलाइन आवेदन नहीं दे सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने 1 जुलाई 2026 से मानव संसाधन प्रबंधन व्यवस्था (HRMS) पोर्टल के माध्यम से अवकाश आवेदन को अनिवार्य कर दिया है।

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को एचएमआरएस मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद आकस्मिक अवकाश (CL), अर्जित अवकाश (EL) या चिकित्सा अवकाश (SL) समेत किसी भी प्रकार की छुट्टी के लिए ‘HRMS पोर्टल’ या इसके आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए ही ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

संबंधित सक्षम अधिकारी भी इसी डिजिटल मंच पर आवेदन की जांच कर ऑनलाइन स्वीकृति अथवा अस्वीकृति दर्ज करेंगे। यानि संबंधित अधिकारी (सक्षम प्राधिकार) भी इसे ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकृत या अस्वीकृत करेंगे। इतना ही नहीं नई व्यवस्था लागू होने से आवेदन की स्थिति भी कर्मचारी अपने लॉगिन के माध्यम से देख सकेंगे। इससे छुट्टी के आवेदन की जानकारी के लिए अलग से कार्यालय जाने या संपर्क करने की आवश्यकता नहीं होगी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी प्रकार की छुट्टियों के लिए एक समान ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अब किसी भी कार्यालय में कागजी आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी। ​सरकार का मुख्य उद्देश्य छुट्टी की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है, जिससे कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उनके अवकाश का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहे। इससे पता चल सकेगा कि किसी कर्मचारी द्वारा कितनी छुट्टियां ली गई हैं, कौन-सा आवेदन अबतक लंबित है और किस स्तर पर उसका निस्तारण होना शेष है या आवेदनों की संपूर्ण समीक्षा।  नई व्यवस्था को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों, कार्यालयों और जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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