बिहार विधान परिषद की नौ सीटों और एक उपचुनाव सीट को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है। इन महत्वपूर्ण चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 11 जून निर्धारित की गई है, जिससे पहले राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में, भारतीय जनता पार्टी ने बीते शुक्रवार, 05 जून, 2026 को अपने चार उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय छेड़ दिया। इस सूची में सबसे पहला और प्रमुख नाम भोजपुरी के पावरस्टार पवन सिंह का रहा, जिनकी उम्मीदवारी ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।
अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के ठीक बाद, भोजपुरी के पावरस्टार पवन सिंह आज शनिवार को राजधानी पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। उनके आगमन की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ कार्यालय के बाहर उमड़ पड़ी। पवन सिंह के गाड़ी से उतरते ही कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी और जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। पार्टी कार्यालय का पोर्टिको पवन सिंह के चाहने वालों से खचाखच भरा हुआ था, जहां भाजपा नेता संतोष सिंह सहित कई अन्य प्रमुख नेता और कार्यकर्ता पहले से ही उनके इंतजार में खड़े थे।
संजय सरावगी ने गले लगाकर किया पवन सिंह का स्वागत
जैसे ही पवन सिंह अपनी गाड़ी से उतरे, उन्होंने हाथ जोड़कर कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और सीधे प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के कमरे की ओर बढ़ गए। यह दृश्य कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहवर्धक था, जो अपने चहेते स्टार को एक राजनेता के रूप में देख रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष के कक्ष में पहुंचकर पवन सिंह ने सबसे पहले संजय सरावगी के पैर छूकर प्रणाम किया, जो उनके सम्मान और विनम्रता को दर्शाता है। हालांकि, संजय सरावगी ने उन्हें बीच में ही रोक लिया और गर्मजोशी से गले लगा लिया। इस दौरान भाजपा कार्यालय में कुछ समय के लिए बेहद खुशनुमा नजारा देखने को मिला। दोनों नेताओं के बीच गहन बातचीत का दौर चला, जिसने राजनीतिक भविष्य की कई संभावनाओं को जन्म दिया। पवन सिंह के कार्यालय आने से सभी कार्यकर्ता बेहद प्रसन्न नजर आ रहे थे और उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
बीजेपी परिवार का मैं सच्चा सेवक हूं: पवन सिंह
इस अवसर पर, मीडिया से मुखातिब होते हुए पवन सिंह ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, “संजय सरावगी जी को दिल से प्रणाम है… दिल से धन्यवाद… मैं यही कहूंगा कि पार्टी मेरी मां है… एक बीजेपी परिवार का मैं सच्चा सेवक हूं… आजीवन रहूंगा। सच्चे दिल से… सच्चे मन से मुझे सिर्फ और सिर्फ सेवा करनी है।” उनके इन शब्दों ने पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण को उजागर किया।
यह गौरतलब है कि पवन सिंह भाजपा से लंबे समय से जुड़े हुए हैं। हालांकि, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने काराकाट सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उनके इस कदम से तत्कालीन एनडीए सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा था, जिससे भाजपा के साथ उनके संबंधों में कुछ खटास आ गई थी। लेकिन, समय के साथ पवन सिंह के रिश्ते पार्टी के साथ फिर से मधुर होते गए। उनकी निरंतर सक्रियता और पार्टी के प्रति निष्ठा का ही यह परिणाम है कि उन्हें आखिरकार उनके इंतजार का फल मिला है। विधान परिषद की उम्मीदवारी उनकी राजनीतिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो भाजपा के साथ उनके मजबूत संबंधों को दर्शाता है।






