पटना: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री का पद छोड़ सकते हैं, जिसके पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दबाव है। किशोर के अनुसार, भाजपा अब बिहार में सत्ता में अपनी हिस्सेदारी चाहती है।
ईद के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत किशोर ने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार अब राज्य का नेतृत्व करने के लिए “शारीरिक और मानसिक रूप से अयोग्य” हो चुके हैं।
‘मेरी भविष्यवाणी सही साबित हुई’
प्रशांत किशोर ने अपनी पुरानी भविष्यवाणियों का जिक्र करते हुए कहा, “मैं यह नहीं कह सकता कि नीतीश कुमार अपनी मर्जी से पद छोड़ रहे हैं या किसी दबाव में, लेकिन एक तरह से मेरी बात सही साबित हो रही है।” उन्होंने याद दिलाया कि जब उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले कहा था कि अगर NDA जीत भी जाए तो नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा, तब उनकी काफी आलोचना हुई थी।
“जो व्यक्ति स्पष्ट रूप से शारीरिक और मानसिक रूप से अयोग्य है, वह कैसे कुछ ही महीनों में, जब गठबंधन को भारी बहुमत मिला हो, मुख्यमंत्री पद छोड़ सकता है?”- प्रशांत किशोर
उन्होंने आगे कहा कि भले ही NDA की हार वाली उनकी भविष्यवाणी गलत निकली हो, लेकिन नीतीश कुमार को लेकर कही गई बात अब सही होती दिख रही है।
‘जनादेश तैयार किया गया था’
IPAC के संस्थापक रहे किशोर ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि NDA को मिला जनादेश “तैयार किया हुआ” था। उन्होंने दावा किया, “वोट 10,000 रुपये बांटकर खरीदे गए थे।” उनका सीधा इशारा चुनाव से ठीक पहले शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की ओर था, जिसके तहत बड़ी संख्या में महिलाओं के बैंक खातों में 10,000 रुपये भेजे गए थे।
किशोर ने कहा, “केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा, केंद्रीय गृह मंत्री और चुनाव आयोग ने NDA को यह तथाकथित बड़ा जनादेश दिलाने में अपनी-अपनी भूमिका निभाई होगी। इसलिए यह स्वाभाविक है कि केंद्र की पार्टी अब बिहार में अपना हिस्सा चाहती है।”
अगला मुख्यमंत्री कौन? सवाल टाला
जब पत्रकारों ने प्रशांत किशोर से पूछा कि नीतीश कुमार के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन हो सकता है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मेरी अपनी पार्टी को लेकर की गई भविष्यवाणी ही गलत साबित हुई थी, इसलिए इस पर कुछ कहना ठीक नहीं होगा।”
इसके अलावा, नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में संभावित एंट्री पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को सार्वजनिक जीवन में आने का अधिकार है, लेकिन यह बिहार में परिवारवाद का एक और उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान अपने गृह राज्य बिहार पर है और जब तक यहां उनका मिशन पूरा नहीं होता, वह दूसरे राज्यों के बारे में नहीं सोचेंगे।





