देश में नवरात्रि की धूम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितंबर को राष्ट्र के नाम संबोधन में GST सुधारों की घोषणा की। मोदी ने कहा कि ये सुधार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम हैं, और इससे गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, किसान, दुकानदार और व्यापारी सभी को फायदा होगा। वहीं, राजनीति और सामाजिक विशेषज्ञ प्रशांत किशोर ने इस सुधार पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि बिहार के आम लोगों को इसका खास लाभ नहीं मिलने वाला।

प्रधानमंत्री के GST सुधारों का उद्देश्य

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि नई GST व्यवस्था से लोगों की बचत बढ़ेगी और व्यापारियों, दुकानदारों और किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह सुधार आर्थिक गतिविधियों को सरल बनाएगा और कराधान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएगा। नवरात्रि के पहले दिन लागू होने वाले ये सुधार आत्मनिर्भर भारत अभियान को और मजबूत करेंगे। मोदी ने भरोसा दिलाया कि इससे देश में निवेश और रोजगार बढ़ेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

प्रशांत किशोर का प्रतिक्रिया

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 15 सालों से प्रधानमंत्री के भाषणों में बदलाव की बातें सुनने को मिलती हैं, लेकिन आम जनता को वास्तविक लाभ कम ही मिलता है। उन्होंने विशेष रूप से बिहार की स्थिति को उजागर किया और कहा कि GST सुधार से सिर्फ अमीर वर्ग को फायदा होगा। बिहार में अधिकांश लोग गरीब हैं, और वाहन टैक्स में कमी का लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जिनके पास कार है। इसलिए, सुधार बिहार के गरीब लोगों के लिए प्रभावशाली नहीं होगा।

बिहार के लिए वास्तविक चुनौतियां

प्रशांत किशोर ने नालंदा में बदलाव यात्रा के दौरान कहा कि बिहार के लोगों को अब नाली, गली, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के अलावा अपने बच्चों की पढ़ाई और रोजगार की चिंता करनी होगी। उनका कहना था कि सिर्फ GST सुधार से बिहार के वास्तविक विकास की उम्मीद नहीं जगी। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर ध्यान देना चाहिए, तभी सामान्य जनता के जीवन में वास्तविक सुधार आएगा।