बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास खाली करने को लेकर जारी विवाद के बीच, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री और सरकार से सीधा जवाब मांगा है। दरअसल उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की नीतियों पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं और कहा है कि दूसरों को बंगला खाली करने या रखने से पहले मुख्यमंत्री और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर देशरत्न मार्ग वाले बंगले को मुख्यमंत्री आवास में क्यों मिलाया गया।
दरअसल प्रशांत किशोर ने अपने बयान में राबड़ी देवी के आवास विवाद की पृष्ठभूमि पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राबड़ी देवी विधान परिषद में प्रतिपक्ष की नेता हैं और इसी आधार पर उन्हें 10 सर्कुलर रोड वाला घर मिला हुआ है। मीडिया के माध्यम से जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार सरकार उन्हें यह घर छोड़कर दूसरे घर में जाने को कह रही है। प्रशांत किशोर ने इसे राबड़ी देवी और सरकार के बीच का मामला बताते हुए, सरकार के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए हैं।
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
वहीं इस दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग के विस्तार को लेकर सरकार से तीखे सवाल किए और इस पर तत्काल जवाब की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले 25-30 वर्षों से बिहार के मुख्यमंत्री का आवास एक अणे मार्ग ही रहा है, जो पहले से ही लगभग 8 एकड़ में फैला हुआ एक विशाल बंगला है। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि पहली बार, सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद, उसके बगल में स्थित देशरत्न मार्ग का बंगला, जो पहले उप मुख्यमंत्री का आवास हुआ करता था, उसे भी मुख्यमंत्री आवास परिसर में मिला दिया गया है।
सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की
दरअसल प्रशांत किशोर ने इस विस्तार पर बिहार की जनता का ध्यान आकर्षित करते हुए एक तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि देश के सबसे धनी राज्यों में से एक महाराष्ट्र है, जहां मुख्यमंत्री का बंगला 10-15 कट्ठे में ही सीमित है। वहीं, देश के सबसे गरीब राज्यों में शुमार बिहार के मुख्यमंत्री को 8 एकड़ का बंगला भी कम लग रहा है, जिसके चलते इसमें 5-6 एकड़ का बंगला और मिला लिया गया है। प्रशांत किशोर ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया
वहीं उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री दूसरों से आवास खाली करने या नियमों का पालन करने की अपेक्षा करते हैं, तो उन्हें खुद अपने आवास के विस्तार पर पहले जवाब देना चाहिए। प्रशांत किशोर ने पूछा कि एक अणे मार्ग में स्थित मुख्यमंत्री के आवासीय परिसर में देशरत्न मार्ग वाले बंगले को किस परिस्थिति में और क्यों मिलाया गया है। उन्होंने सरकार पर शुचिता के नाम पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि आप दूसरों से शुचिता की बात करते हैं और उन्हें इतने बड़े बंगले में न रहने के लिए कहते हैं, जबकि आप अपना खुद का बंगला प्रधानमंत्री के बंगले से भी बड़ा बना रहे हैं, तो बिहार की जनता निश्चित रूप से सवाल करेगी।
यह उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने का नोटिस जारी किया था। इसके बदले में उन्हें 39, हार्डिंग रोड वाला बंगला आवंटित किया गया था। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला छोड़ने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद से यह मामला लगातार गरमाया हुआ है और अब प्रशांत किशोर के इस बयान ने इसमें नया राजनीतिक मोड़ ला दिया है।
