मुजफ्फरनगर में सामने आए बंधुआ मजदूरी के मामले ने प्रशासन और राजनीतिक गलियारों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दरअसल मंडी क्षेत्र में संचालित एक दोना निर्माण फैक्ट्री में कथित तौर पर मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। वहीं छापेमारी के दौरान 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया है। घटना के सामने आने के बाद मानव तस्करी और श्रमिकों के शोषण को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मजदूर लंबे समय से फैक्ट्री में काम कर रहे थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की और सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
राहुल गांधी का बड़ा बयान
मुज़फ्फरनगर में मजदूरों की बंधुआ मजदूरी का मामला बेहद चौंकाने वाला है।
बिना मज़दूरी दिए काम करवाने के अलावा, मजदूरों को कुत्तों से कटवाया गया, भाले से गोदा गया, कोड़े मारे गए, और उन्हें मवेशियों का चारा खिलाया गया। यह इंसानी गरिमा पर हमला है – पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 24, 2026
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मजदूरों को किन परिस्थितियों में वहां रखा गया था और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले ने स्थानीय स्तर पर भी काफी चर्चा पैदा कर दी है। वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी है। दरअसल उन्होंने कहा है कि मजदूरों के साथ हुई घटनाएं बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। राहुल गांधी ने कहा कि पीड़ितों को न्याय मिलने के साथ-साथ उनके पुनर्वास की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की
दरअसल राहुल गांधी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं राहुल गांधी ने अपने बयान में यह भी कहा कि ऐसे मामले केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि यह भी देखने की जरूरत है कि आखिर किन परिस्थितियों में लोग इस तरह के शोषण का शिकार बनते हैं। मामले के सामने आने के बाद पुलिस और संबंधित विभागों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों का ध्यान अब इस बात पर है कि क्या यह सिर्फ एक फैक्ट्री तक सीमित मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। जांच एजेंसियां मजदूरों के बयान दर्ज कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उन्हें वहां तक कैसे लाया गया और किन शर्तों पर काम कराया जा रहा था।






