राहुल-तेजस्वी के ‘दावों’ पर मचा घमासान, सच्चाई जानकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे, क्या है इन बयानों का असली खेल?

राहुल-तेजस्वी के ‘दावों’ पर मचा घमासान, सच्चाई जानकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे, क्या है इन बयानों का असली खेल?

शनिवार को देश की सियासत में दो बड़े विपक्षी नेताओं के बयानों ने हलचल मचा दी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि कृषि कानूनों के विरोध के दौरान उन्हें धमकाने के लिए तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली को उनके पास भेजा गया था। राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, तो अरुण जेटली को मुझे धमकाने भेजा गया। उन्होंने कहा कि अगर आप इसी तरह सरकार का विरोध करते रहे तो आपके खिलाफ कार्रवाई होगी।” राहुल ने जवाब दिया, “हम कांग्रेस के लोग हैं, हम कायर नहीं हैं।” यह बयान उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वार्षिक विधि सम्मेलन में दिया।

जेटली परिवार और बीजेपी की प्रतिक्रिया

राहुल गांधी के इस दावे पर अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके पिता एक गरिमामय नेता थे और इस तरह के बयान उनकी राजनीतिक विरासत को ठेस पहुंचाने वाले हैं। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी राहुल के बयान को बेबुनियाद बताया और इसे कांग्रेस की हताशा का संकेत करार दिया। मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी राजनीतिक लाभ के लिए दिवंगत नेता के बारे में झूठी कहानियां गढ़ रहे हैं।

तेजस्वी यादव का दावा: वोटर लिस्ट से नाम कटा

इसी दिन, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने EPIC नंबर के जरिए अपना नाम खोजा, लेकिन वह सूची में नहीं मिला। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि यह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश है। इस दावे ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी और पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।

प्रशासन और डिप्टी सीएम का पलटवार

तेजस्वी के दावे पर पटना जिला प्रशासन ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनका नाम वोटर लिस्ट में मौजूद है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी का सही EPIC नंबर RAB0456228 है और वे दीघा विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र 204 पर क्रमांक 416 पर दर्ज हैं। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी तेजस्वी पर झूठ फैलाने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी अपना नाम पढ़कर भी नहीं खोज सकते, ऐसे में उनकी योग्यता पर पूरे बिहार को संदेह होना स्वाभाविक है। इस तरह शनिवार का दिन राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के इन दावों और उन पर आए तीखे प्रतिक्रियाओं पर केंद्रित रहा।

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